इंडियन एयरफोर्स (Indian Air Force) ने लड़ाकू विमान मिग-21 (Mig-21) के पूरे बेड़े के उड़ान भरने पर रोक लगा दी है। इस विमान से लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

मिराज ने 1999 में कारगिल की लड़ाई में अहम भूमिका निभाते हुए पाकिस्तानी सेना के कई बंकरों को तबाह किया था। 2020 में पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकियों को निशाना बनाते हुए की गई एयर स्ट्राइक में भी भारत ने मिराज- 2000 का ही इस्तेमाल किया था। कारगिल युद्ध, सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान मिराज 2000 विमानों ने अहम भूमिका निभाई थी। मिराज 2000 फाइटर प्लेन की कीमत करीब 167 करोड़ रुपए है।

बीते 8 मई को राजस्थान में मिग-21 फाइटर जेट क्रैश हो गया था, जिसमें तकरीबन 3 लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि, यह रोक अस्थाई तौर पर लगाई गई है। एयरफोर्स ने इन विमानों की उड़ान पर तब तक रोक लगाई है, जब तक राजस्थान (Rajasthan) में हुए हादसे की जांच को पूरा नहीं कर लिया जाता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वायुसेना में मिग-21 की 3 स्क्वाड्रन मौजूद हैं। एक स्क्वाड्रन में तकरीबन 16 से 18 फाइटर जेट शामिल होते हैं।

पांच दशकों से इंडियन एयरफोर्स में शामिल

मिग -21 फाइटर विमान (Mig-21) तकरीबन पांच दशकों से इंडियन एयरफोर्स (Indian Air Force) में शामिल हैं। इन सभी विमानों को चरणबद्ध तरीके से बाहर किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इन सभी को 2025 की शुरुआत तक चरणबद्ध तरीके से बाहर कर दिया जाएगा। किसी जमाने में यह फाइटर जेट दुनिया के सबसे ताकतवर विमान में शामिल था। यह ऐसा फाइटर जेट है, जिसे दुनियाभर के 60 से अधिक देश उपयोग कर चुके हैं। साथ ही, इसने कारगिल युद्ध में अहम भूमिका निभाई थी। इतना ही नहीं, यह वही फाइटर जेट है, जिससे विंग कंमाडर अभिनंदन ने पाकिस्तान के फाइटर जेट को जमींदोज कर दिया था।

MIG-21 के अब तक के बड़े हादसे

  • 5 जनवरी 2021 को राजस्थान के सूरतगढ़ में मिग फाइटर जेट दुर्घटना का शिकार हुआ था। हालांकि, समय रहते पायलट ने अपनी जान बचा ली थी और सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहा था।
  • 17 मार्च 2021 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर के पास एक मिग-21 बाइसन फाइटर जेट दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में भारतीय वायुसेना के कैप्टन की जान चली गई थी।
  • 20 मई 2021 को पंजाब के मोगा में भी इसी तरह का हादसा देखने को मिला था। वहां पर मिग-21 फाइटर जेट क्रेश हो गया था। इसमें भी पायलट को जान गंवानी पड़ी थी।
  • 25 अगस्त 2021 को राजस्थान के बाड़मेर में भी मिग-21 दोबारा हादसे का शिकार हो गया था। इसमें भी पायलट किसी तरह से अपनी जान बचाने में कामयाब रहा था।

 

  • 25 दिसंबर 2021 को तीसरा फाइटर जेट राजस्थान में ही दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। इस हादसे पायलट अपनी जान बचाने में सफल नहीं हो पाया और उसकी जान चली गई थी।
  • 28 जुलाई 2022 को राजस्थान के बाड़मेर में मिग-21 विमान चौथी बार दुर्घटना का शिकार हो गया था। इस हादसे में एक नहीं, बल्कि दो पायलटों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।
  • 8 मई 2023 को राजस्थान के हनुमानगढ़ में मिग-21 के विमान की पांचवी घटना सामने आई। इस घटना में पायलट की जान तो बच गई। हालांकि, जिस घर पर यह विमान गिरा वहां पर तीन लोगों की मौत हो गई थी।

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