अमेरिका के पूर्व नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर Mike Flynn ने एक बहुत बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने चीन की मदद से पाकिस्तान के जरिए अमेरिकी विमानवाहक पोत (aircraft carrier) पर मिसाइल हमला किया है, तो यह सीधे तौर पर युद्ध की शुरुआत है। यह पूरा मामला एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद गरमाया है, जिसने दुनिया के तीन बड़े देशों को विवाद में खड़ा कर दिया है।

Mike Flynn ने पाकिस्तान और चीन पर क्या आरोप लगाए?

Mike Flynn ने X (ट्विटर) पर एक अकाउंट ‘Mossad Commentary’ की बात का हवाला देते हुए यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि चीन ने ईरान को मिसाइलें मुहैया कराईं और पाकिस्तान ने उन्हें ईरान तक पहुँचाने में मदद की। इस दावे के बाद Flynn ने पाकिस्तान की ईमानदारी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि क्या पाकिस्तान वास्तव में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता कराने के लिए एक ईमानदार मध्यस्थ है।

अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता का क्या हुआ?

इस मामले में कुछ जरूरी बातें नीचे दी गई हैं:

  • 7 अप्रैल 2026: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम (ceasefire) का ऐलान किया था।
  • पाकिस्तान की भूमिका: इस युद्धविराम के समझौते में पाकिस्तान ने मध्यस्थ का काम किया था।
  • बातचीत की योजना: तय हुआ था कि 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू होगी।
  • ईरान का इनकार: 10 अप्रैल को ईरान के अधिकारियों ने खबर दी कि उनके कोई भी प्रतिनिधि बातचीत के लिए पाकिस्तान नहीं जा रहे हैं।

ट्रंप की चेतावनी और चीन का कनेक्शन

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ़ कहा है कि जब तक कोई असली समझौता नहीं हो जाता, तब तक अमेरिकी सैन्य ताकतें ईरान के आसपास ही तैनात रहेंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर युद्धविराम का पूरी तरह पालन नहीं हुआ, तो अमेरिका फिर से हमले कर सकता है। वहीं, अप्रैल की शुरुआत में ऐसी खबरें भी आई थीं कि चीन प्रतिबंधित जहाजों के जरिए ईरान को रॉकेट ईंधन भेजने का काम कर रहा था, जिससे ईरान की मिसाइल क्षमता बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.