कोरोनावायरस के वजह से प्रवासी भारतीय नागरिकों की संख्या खाड़ी देशों से लगातार घटते जा रही है सऊदी अरब से लेकर  कतर कुवैत  और संयुक्त अरब अमीरात तक लोगों की नौकरी आ गई हैं और कमाने आए प्रवासियों के ऊपर खुद के जीवन यापन का संकट गहराता चला गया और उन लोगों ने रिपेट्रिएशन  फ्लाइट के जरिए  लगातार देश छोड़ना शुरू कर दिया है.

 

अब ओमान में महज पांच लाख के करीब भारतीय प्रवासी रह गए ताजा आंकड़ों के अनुसार ओमान में मात्र 499431 भारतीय प्रवासी कामगार है हालांकि अभी प्रवासियों की संख्या की बात करें तो ओमान में सबसे बड़े प्रवासी कामगारों का देश भारत ही है.

 

यह संख्या लगातार इसलिए भी घटते जा रही है क्योंकि ओमान की सल्तनत में ओमान के नागरिकों को नौकरी के लिए वरीयता देने का कार्य प्रारंभ कर दिया है और प्रवासी कामगारों को नौकरियों से हाथ धोना पड़ रहा है.

 

ओमान के कुल आबादी का 40% हिस्सा प्रवासियों का है और उन्होंने कई दशकों से ओमान के विकास और तरक्की की गाथा लिखा है.

पूरे अरब की बात करें तो लगभग ढाई करोड़ प्रवासी जो मुख्य रूप से एशिया से ताल्लुक रखते हैं वह अपना जीवन यापन करते हैं.

इस वक़त ओमान में 

  • बांग्लादेशी 13.9%  कम हुए हैं, 
  • वहीं पाकिस्तानी नागरिक 15.7% से कम हुए हैं
  • फिलीपीन की बात करें तो  इनकी संख्या भी 8.2% कम हुई है
  • और 8.2% की कमी इजिप्ट के प्रवासियों में भी आई हैं.

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Lov Singh

बिहार से हूँ। बिहार होने पर गर्व हैं। फर्जी ख़बरों की क्लास लगाता हूँ। प्रवासियों को दोस्त हूँ। भारत मेरा सबकुछ हैं। Instagram पर @nyabihar तथा lov@gulfhindi.com पर संपर्क कर सकते हैं।