ईरान के मीनाब शहर के एक स्कूल पर हुए मिसाइल हमले ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है. इस हमले में 168 मासूम बच्चों और महिला टीचरों की जान चली गई. ईरान के शिक्षा मंत्री ने इस घटना को बच्चों के खिलाफ इसराइल के जुर्म का एक बड़ा प्रतीक बताया है.

👉: Lebanon में इसराइल का हमला, Doueir में 3 लोगों की मौत, कई शहरों को खाली करने का आदेश जारी

मीनाब स्कूल हमले की पूरी जानकारी

यह हमला 28 फरवरी 2026 को Shajareh Tayyebeh Elementary School पर हुआ था. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इसमें 168 लोगों की मौत हुई, जिनमें 7 से 12 साल तक के बच्चे शामिल थे. Amnesty International ने अपनी जांच में पाया कि यहाँ Tomahawk missile का इस्तेमाल किया गया था. ईरान का कहना है कि यह हमला जानबूझकर किया गया क्योंकि मिसाइलें एक के बाद एक तीन बार दागी गईं.

श्रद्धांजलि और सरकारी कार्रवाई

इस दुखद घटना के बाद ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने आने वाले मैचों में Minab 168 नाम से खेलने का फैसला किया है. शिक्षा मंत्री Alireza Kazemi ने बताया कि पिछले 40 दिनों के संघर्ष में अब तक 346 छात्र और शिक्षक शहीद हो चुके हैं. विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय अदालतों में ले जाने के लिए Angels of Minab कैंपेन शुरू किया है. साथ ही 12 मई को Bojnourd में इसके खिलाफ एक बड़ी रैली भी निकाली गई.

अमेरिका का दावा और दुनिया का नजरिया

अमेरिका ने अपनी रिपोर्ट में इसे एक गलती बताया और कहा कि उनकी खुफिया जानकारी पुरानी थी, जिससे उन्हें लगा कि वहां IRGC का मिलिट्री कैंप है. हालांकि ईरान ने इस दावे को खारिज कर दिया है क्योंकि स्कूल कई सालों से वहां मौजूद था. UN Human Rights Council और यूरोपीय संसद ने भी इस मामले में स्वतंत्र जांच की मांग की है. फिलहाल पाकिस्तान की मध्यस्थता में हो रही बातचीत में ईरान इस मुद्दे पर जवाब और मुआवजे की मांग कर रहा है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

मीनाब स्कूल हमले में कुल कितने लोग मारे गए

ईरान के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस हमले में 168 लोगों की मौत हुई, जिनमें 7 से 12 साल के छात्र और महिला शिक्षक शामिल थे.

अमेरिका ने स्कूल पर हमले का क्या कारण बताया

अमेरिकी सेना ने इसे एक गलती बताया और कहा कि पुरानी खुफिया जानकारी की वजह से उन्हें स्कूल को IRGC मिलिट्री कंपाउंड समझने की भूल हुई.