सऊदी अरब के मदीना में स्थित मिक़ात ज़ु अल-हुलेफ़ा (Miqat Dhu al-Hulayfah) का कायाकल्प हो गया है. हज और उमराह पर जाने वाले लाखों जायरीन के लिए अब यहाँ की सुविधाएँ पहले से कहीं ज़्यादा बेहतर कर दी गई हैं. सऊदी विज़न 2030 के तहत इस बड़े बदलाव से अब यहाँ आने वाले लोगों का सफर आसान और आरामदायक होगा.
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मिक़ात ज़ु अल-हुलेफ़ा की क्षमता और अंदरूनी बदलाव क्या हैं?
इस मस्जिद के विकास कार्य के बाद अब यहाँ आने वाले जायरीनों के लिए जगह काफी बढ़ गई है. मुख्य बदलाव इस प्रकार हैं:
- क्षमता में वृद्धि: मस्जिद की क्षमता को 5,000 से बढ़ाकर अब 15,000 से ज़्यादा कर दिया गया है.
- नया कालीन: नमाज़ के क्षेत्र में 2,400 वर्ग मीटर से ज़्यादा इलाके में नए कालीन बिछाए गए हैं.
- साउंड सिस्टम: आवाज़ के लिए आधुनिक डिजिटल सिस्टम लगाया गया है, जिसमें 190 से ज़्यादा स्पीकर लगाए गए हैं ताकि हर किसी को साफ़ आवाज़ सुनाई दे.
जायरीनों के लिए कौन सी नई सुविधाएँ और बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है?
मस्जिद के आस-पास के इलाके को भी पूरी तरह आधुनिक बनाया गया है ताकि भीड़ को आसानी से संभाला जा सके:
- रास्ते और लाइटिंग: आने-जाने के लिए 24 मुख्य और छोटे रास्ते बनाए गए हैं और पूरे इलाके में 7,000 से ज़्यादा लाइटें लगाई गई हैं.
- दुकानें और कैफ़े: यहाँ 40 से ज़्यादा दुकानें, रेस्टोरेंट और कैफ़े खोले गए हैं, जहाँ जायरीन अपनी ज़रूरत का सामान खरीद सकते हैं.
- हरियाली और खूबसूरती: आंगन में 600 से ज़्यादा पेड़ और पौधे लगाए गए हैं. साथ ही 50,000 वर्ग मीटर से ज़्यादा के इलाके को ‘ह्यूमानाइज़ेशन प्रोजेक्ट’ के तहत विकसित किया गया है.
- सुरक्षा: पूरी निगरानी के लिए 300 से ज़्यादा डिजिटल कैमरे लगाए गए हैं.
इस प्रोजेक्ट का मकसद क्या है और कौन इसमें शामिल था?
मदीना क्षेत्र के गवर्नर और डेवलपमेंट अथॉरिटी के चेयरमैन प्रिंस सलमान बिन सुल्तान बिन अब्दुलअज़ीज़ ने बताया कि यह मिक़ात लाखों लोगों के लिए एक मुख्य केंद्र है, इसलिए यहाँ सुविधाओं को बेहतर करना ज़रूरी था. यह पूरा काम ‘गेस्ट्स ऑफ रहमान सर्विस प्रोग्राम’ और मदीना रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी की साझेदारी में पूरा हुआ है. यह सभी तैयारियाँ हज 1447 AH के लिए की गई हैं ताकि आने वाले तीर्थयात्रियों को कोई परेशानी न हो.
Frequently Asked Questions (FAQs)
मिक़ात ज़ु अल-हुलेफ़ा की क्षमता में कितनी बढ़ोतरी हुई है?
मस्जिद की क्षमता को पहले के 5,000 जायरीनों से बढ़ाकर अब 15,000 से ज़्यादा कर दिया गया है.
क्या यहाँ जायरीनों के लिए खाने-पीने की सुविधा उपलब्ध है?
हाँ, यहाँ 40 से ज़्यादा दुकानें, कैफ़े और रेस्टोरेंट बनाए गए हैं ताकि आने वाले लोगों की ज़रूरतें पूरी हो सकें.
