भारत में डिजिटल फ्रॉड का तरीका बदल गया है और अब जालसाज मोबाइल मैसेज के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं। देश में टेक्स्ट मैसेज से जुड़े स्कैम के मामलों में 146 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। BioCatch की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के दूसरे भाग और 2026 के पहले भाग के बीच मोबाइल फ्रॉड के मामलों में 67 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।

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सरकार की सख्त कार्रवाई

इस बढ़ते खतरे को रोकने के लिए भारत सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने राज्यसभा में बताया कि 15 जुलाई 2026 तक 11.18 लाख नागरिकों की शिकायतों के आधार पर 61 लाख से ज्यादा संदिग्ध मोबाइल कनेक्शन बंद किए गए हैं। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बिग डेटा टूल ASTR का उपयोग करके उन 88 लाख मोबाइल कनेक्शनों को भी डी-एक्टिवेट किया गया है, जो वेरिफिकेशन में फेल हो गए थे।

कैसे काम कर रहे हैं जालसाज

विशेषज्ञों का कहना है कि स्कैमर्स अब बहुत तेजी से काम कर रहे हैं और फ्रॉड की रकम भी पहले से काफी बढ़ गई है। अंतरराष्ट्रीय गिरोह भारत में स्थानीय बैंक खातों और सिम कार्ड का इस्तेमाल करके चोरी के पैसों को क्रिप्टोकरेंसी में बदल रहे हैं। जालसाज विश्वसनीय दिखने वाले मैसेज भेजकर लोगों को जल्दीबाजी में फैसला लेने के लिए मजबूर करते हैं। हालांकि, बैंकों, भारतीय रिजर्व बैंक और साइबर सेल की बेहतर आपसी तालमेल के कारण फ्रॉड की कोशिशों में 12 प्रतिशत की गिरावट भी दर्ज की गई है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.