भारत में सक्रिय दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बारिश के कारण देश के कई राज्यों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। असम राज्य इस आपदा से सबसे अधिक प्रभावित है, जहां अब तक 41 लोगों की मौत की सूचना मिली है। पिछले 24 घंटों में 10 लोगों ने अपनी जान गंवाई है, जिनमें 4 बच्चे भी शामिल हैं।
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असम में हालात बेकाबू
असम के सविसागर, चराइदेव, गोलाघाट और जोरहाट जैसे जिलों में बाढ़ ने भीषण रूप ले लिया है। लगभग 5.6 लाख लोग प्रभावित हुए हैं और 900 गांव पूरी तरह पानी में डूबे हुए हैं। 24,000 हेक्टेयर से अधिक फसल जलमग्न हो गई है और ब्रह्मपुत्र नदी सहित अन्य सहायक नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने स्थिति को अभूतपूर्व बताया है और SDRF व NDRF की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।
अन्य राज्यों में अलर्ट
मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले 3 से 4 दिनों के लिए कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, मध्य प्रदेश, राजस्थान, कोंकण, गोवा, गुजरात और तेलंगाना के कई हिस्सों में अलर्ट जारी किया गया है। भारी बारिश के चलते जम्मू-श्रीनगर हाईवे को बंद कर दिया गया है और केदारनाथ यात्रा को भी कुछ समय के लिए स्थगित किया गया है। इसरो के INSAT-3DS सैटेलाइट से मिली तस्वीरों ने मॉनसून की सक्रियता की पुष्टि की है, जिसके कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और शहरी इलाकों में जलभराव का खतरा बना हुआ है।
