मोरक्को की जुड़वा बच्चियों का सऊदी अरब में होगा ऑपरेशन, अलग करने के लिए सऊदी पहुंचीं सजा और दुहा

मोरक्को की जुड़वा बच्चियां सजा और दुहा को अलग करने के लिए सऊदी अरब लाया गया है. यहाँ उनका जटिल ऑपरेशन किया जाएगा ताकि वे एक सामान्य जीवन जी सकें. सऊदी अरब का यह कदम दुनिया भर में मानवीय मदद की मिसाल माना जाता है और इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है.

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सऊदी अरब में कैसे होगा बच्चियों का इलाज?

सजा और दुहा का इलाज रियाद के किंग अब्दुल्ला स्पेशलिस्ट चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल में होगा. इस पूरे प्रोग्राम की देखरेख किंग सलमान ह्यूमैनिटेरियन एड एंड रिलीफ सेंटर (KSrelief) कर रहा है. मेडिकल टीम का नेतृत्व डॉ. अब्दुल्ला बिन अब्दुलअजीज अल राबीया कर रहे हैं, जो रॉयल कोर्ट में सलाहकार और KSrelief के सुपरवाइजर जनरल हैं. यह पूरा ऑपरेशन किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के निर्देशों पर किया जा रहा है.

सऊदी अरब का जुड़वा बच्चों को अलग करने का इतिहास

सऊदी अरब लंबे समय से दुनिया भर के जुड़े हुए बच्चों का सफल ऑपरेशन कर रहा है. इस प्रोग्राम की कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • यह प्रोग्राम 31 दिसंबर 1990 को शुरू हुआ था.
  • अब तक 27 से 28 देशों के करीब 62 से 68 बच्चों को सफलतापूर्वक अलग किया जा चुका है.
  • मोरक्को से पहले भी हफ़्सा और इल्हाम (2006) और अज़ीज़ा और सईदा (2009) का यहाँ सफल ऑपरेशन हुआ था.
  • हाल ही में पाकिस्तान के सुफ्यान और युसूफ, जमैका की अज़रिया और अज़ुरा और बुर्किना फासो की हवा और खदीजा का इलाज भी यहाँ किया गया है.