रूस की राजधानी मास्को में यूक्रेन ने ड्रोन से बड़ा हमला किया है. इस हमले में एक भारतीय मजदूर की जान चली गई और तीन अन्य भारतीय घायल हो गए. इस घटना के बाद इलाके में काफी अफरा-तफरी मच गई और कई रिहायशी इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है. भारतीय दूतावास ने घायलों की मदद के लिए अपनी टीम तुरंत मौके पर तैनात कर दी है.
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भारतीय दूतावास ने घायलों की मदद के लिए क्या कदम उठाए?
भारतीय दूतावास ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि उनके डिप्लोमैटिक अधिकारी तुरंत हमले वाली जगह पर पहुंचे. अधिकारियों ने अस्पताल में भर्ती घायल मजदूरों से मुलाकात की और उनका हाल जाना. दूतावास अब कंपनी के मैनेजमेंट और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि प्रभावित मजदूरों और उनके परिवार को जरूरी मदद मिल सके. फिलहाल पीड़ितों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं.
रूस और यूक्रेन ने इस हमले पर क्या बयान दिए?
इस हमले को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है. यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने इस हमले की जिम्मेदारी ली और कहा कि यह रूस द्वारा यूक्रेन के शहरों पर किए गए हमलों का जवाब था. वहीं रूस की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता Maria Zakharova ने इसे एक बड़ा आतंकी हमला बताया है. मास्को के मेयर Sergei Sobyanin ने बताया कि एयर डिफेंस ने शहर की तरफ आ रहे 81 ड्रोन को मार गिराया.
| विवरण | जानकारी/आंकड़े |
|---|---|
| मास्को में गिराए गए ड्रोन | 81 ड्रोन |
| कुल घायल (मास्को) | 12 लोग (ज्यादातर निर्माण मजदूर) |
| कुल नष्ट ड्रोन (24 घंटे में) | 556 ड्रोन |
| कुल इंटरसेप्टेड ड्रोन | 1,000 से ज्यादा |
Frequently Asked Questions (FAQs)
यह हमला कब और कहां हुआ?
यह हमला 17 मई 2026 को रूस के मास्को क्षेत्र में हुआ. इसमें तेल रिफाइनरी और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया.
यूक्रेन ने इस हमले का क्या कारण बताया?
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा कि यह हमला रूस द्वारा यूक्रेन के शहरों और बुनियादी ढांचे पर किए जा रहे लगातार हमलों का जायज जवाब था.
