Moscow Restaurant Blast: मॉस्को के इतालवी रेस्तरां में बम धमाका, रूस ने यूक्रेन पर लगाया बड़ा आरोप

Nura Basta9 August 20262 min read66 viewsWorld
Moscow Restaurant Blast: मॉस्को के इतालवी रेस्तरां में बम धमाका, रूस ने यूक्रेन पर लगाया बड़ा आरोप

मॉस्को के एक मशहूर रेस्तरां में हुए जोरदार धमाके को लेकर रूस और यूक्रेन के बीच तनाव फिर से बढ़ गया है। रोम स्थित रूसी दूतावास ने इस खतरनाक हमले के लिए सीधे तौर पर यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराया है और कहा है कि यह वहां रह रहे विदेशी नागरिकों को डराने की एक सोची-समझी साजिश थी। इस घटना के बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है और हर कोई इस बारे में बात कर रहा है कि आखिर सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई।

मॉस्को के बाल्जी रोसी रेस्तरां में हुआ धमाका

यह पूरी घटना मॉस्को के प्रसिद्ध बाल्जी रोसी रेस्तरां में हुई, जहां बीती रात एक घातक विस्फोट हुआ। इस दर्दनाक हादसे में शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक 5 लोगों की मौत हो गई है और 19 अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। हालांकि रूस की राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी समिति ने अपनी शुरुआती जानकारी में तीन लोगों के मारे जाने की बात कही थी, जिसमें एक महिला, एक सुरक्षा गार्ड और एक ग्राहक शामिल था। रूसी दूतावास का कहना है कि रेस्तरां के इतालवी शेफ और उनका स्टाफ एक रूसी सुरक्षा गार्ड की सूझबूझ और साहस की वजह से बाल-बाल बच गए वरना नुकसान और भी ज्यादा हो सकता था।

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उपहार के डिब्बे में छिपाया गया था विस्फोटक

रूसी दैनिक समाचार पत्र 'कोमर्सांत' की रिपोर्ट के मुताबिक, इस खतरनाक हमले को अंजाम देने के लिए विस्फोटक को एक उपहार के डिब्बे के अंदर छिपाकर रखा गया था। ऐसा माना जा रहा है कि इस बम को दूर से ही किसी रिमोट या अन्य तरीके से विस्फोटित किया गया था। अखबार की रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि जो महिला इस विस्फोटक को लेकर रेस्तरां के अंदर पहुंची थी, शायद उसे खुद इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उस डिब्बे के अंदर क्या रखा है। इस बम के अंदर लगभग एक किलोग्राम विस्फोटक और लोगों को ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाने के लिए धातु की गोलियां भरी गई थीं, जिससे यह धमाका बेहद भयानक हो गया।

यूक्रेन पर लगा डराने-धमकाने का आरोप

रोम में मौजूद रूसी दूतावास ने एक कड़ा बयान जारी करते हुए दावा किया कि यह हमला यूक्रेन की तरफ से रूस में काम कर रहे इतालवी समुदाय को निशाना बनाने और उन्हें डराने के लिए किया गया था। दूतावास का मानना है कि इसके जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई थी कि रूस की धरती पर रह रहे विदेशी नागरिक भी अब सुरक्षित नहीं हैं और अगला नंबर उनका हो सकता है। हालांकि इन तमाम गंभीर और बड़े आरोपों पर अभी तक यूक्रेन की सरकार या किसी भी अधिकारी की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। रूस की जांच एजेंसियां इस पूरे मामले की गहराई से छानबीन कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस साजिश के पीछे असल में कौन लोग शामिल थे।

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