इसराइल की खुफिया एजेंसी Mossad के चीफ डेविड बार्निया ने ईरान और हिजबुल्लाह के खिलाफ अपनी एजेंसी की बड़ी कामयाबी का दावा किया है. उन्होंने इन ऑपरेशन्स को ‘ग्राउंडब्रेकिंग’ बताया है. दूसरी तरफ, लेबनान के दक्षिणी इलाकों में तनाव काफी बढ़ गया है और वहां के लोगों को तुरंत सुरक्षित जगहों पर जाने के लिए कहा गया है.

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Mossad ने अपनी कामयाबी के बारे में क्या बताया?

Mossad चीफ डेविड बार्निया ने 27 अप्रैल 2026 को एक सम्मान समारोह के दौरान यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि उनकी एजेंसी ने दुश्मन के सबसे गहरे राज़ निकाले हैं. बार्निया ने जून 2025 में हुए ‘Operation Rising Lion’ का खास तौर पर ज़िक्र किया. उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन के ज़रिए तेहरान के बीचों-बीच टारगेट किए गए और कई बड़े अधिकारियों को खत्म किया गया. इस पूरी प्रक्रिया में Mossad और IDF ने कंधे से कंधा मिलाकर काम किया. सुरक्षा में बड़े योगदान के लिए कुल 10 ऑपरेशन्स और प्रोजेक्ट्स को सम्मान दिया गया.

लेबनान और ईरान का क्या कहना है?

लेबनान के हालात इस समय तनावपूर्ण हैं. IDF के प्रवक्ता कर्नल अविचाई अद्रई ने 28 अप्रैल को लिटानी नदी के दक्षिण में रहने वाले लोगों को चेतावनी दी कि वे साइडोन जिले की तरफ चले जाएं. IDF का कहना है कि हिजबुल्लाह ने युद्धविराम का उल्लंघन किया है, इसलिए वहां ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं. वहीं, हिजबुल्लाह नेता नईम कासिम ने इसराइल से सीधी बात करने से साफ़ मना कर दिया है. उन्होंने इसराइल की पूरी वापसी, कैदियों की रिहाई और पुनर्निर्माण जैसी पांच मांगें रखी हैं. लेबनान के संसद अध्यक्ष नबीह बेरी ने भी युद्धविराम से पहले किसी भी राजनीतिक चर्चा को टाल दिया है. दूसरी ओर, ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने कहा कि जब तक अमेरिका और इसराइल से सुरक्षा गारंटी नहीं मिलती, तब तक खाड़ी क्षेत्र में स्थिरता नहीं आएगी.

Frequently Asked Questions (FAQs)

Operation Rising Lion क्या था?

यह जून 2025 में Mossad द्वारा चलाया गया एक गुप्त ऑपरेशन था, जिसमें ईरान की राजधानी तेहरान के बीचों-बीच टारगेट किए गए और वरिष्ठ अधिकारियों को खत्म किया गया।

हिजबुल्लाह ने इसराइल के सामने क्या मांगें रखी हैं?

हिजबुल्लाह नेता नईम कासिम ने पांच मांगें रखी हैं, जिनमें इसराइली हमले रोकना, पूरी वापसी, कैदियों की रिहाई, विस्थापित लोगों की वापसी और देश का पुनर्निर्माण शामिल है।