भारतीय राजनीति में जनप्रतनीधियों की आर्थिक स्थिति हमेशा से चर्चा का विषय रही है, लेकिन हालिया आंकड़े बताते हैं कि पिछले एक दशक में सांसदों की रईसी में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, 2014 से 2024 के बीच जो सांसद दोबारा चुनकर संसद पहुंचे हैं, उनकी संपत्ति में औसतन 100 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। इसका सीधा अर्थ है कि महज दस वर्षों के भीतर कई सांसदों की दौलत दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है।

भाजपा के दिग्गज सांसदों की संपत्ति में सबसे ज्यादा उछाल, लिस्ट में अनुराग ठाकुर, निशिकांत दुबे और गिरिराज सिंह जैसे कई बड़े नाम शामिल

आंकड़ों पर गौर करें तो जिन सांसदों की संपत्ति में सबसे ज्यादा इजाफा हुआ है, उनमें भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की संख्या सर्वाधिक है। इस सूची में उदयनराजे भोसले, निशिकांत दुबे, समीर महाजन और पीपी चौधरी जैसे नाम सबसे ऊपर हैं। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री रहे गिरिराज सिंह, अनुराग ठाकुर और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की संपत्ति में भी भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह आंकड़े बताते हैं कि सत्ता में रहने के दौरान जनप्रतिनिधियों की आर्थिक स्थिति में किस तरह का बदलाव आया है।

उदयनराजे भोसले की संपत्ति 60 करोड़ से बढ़कर पहुंची 223 करोड़ के पार, 10 साल में आया 268 फीसदी का बड़ा उछाल

संपत्ति में इजाफे के मामले में महाराष्ट्र के कद्दावर नेता और सांसद उदयनराजे भोसले के आंकड़े हैरान करने वाले हैं। वर्ष 2014 में उनकी संपत्ति करीब 60 करोड़ रुपये थी। पांच साल बाद 2019 के चुनावी हलफनामे में यह बढ़कर 199 करोड़ रुपये हो गई और 2024 तक आते-आते उनकी कुल संपत्ति 223 करोड़ रुपये के स्तर को छू गई। यानी पिछले दस वर्षों में उनकी दौलत में कुल मिलाकर लगभग 162 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है, जो कि 268 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।

जामनगर सांसद की संपत्ति में 747 प्रतिशत की रिकॉर्ड बढ़ोतरी, 17 करोड़ से सीधे 147 करोड़ रुपये पहुंची दौलत

प्रतिशत के लिहाज से देखें तो जामनगर से भाजपा सांसद की संपत्ति में वृद्धि के आंकड़े और भी चौंकाने वाले हैं। आंकड़ों के मुताबिक, सांसद माधव की संपत्ति में पिछले दस सालों में 130 करोड़ रुपये की भारी-भरकम बढ़ोतरी हुई है। 2014 में उनकी संपत्ति मात्र 17 करोड़ रुपये थी, जो 2024 में बढ़कर 147 करोड़ रुपये दर्ज की गई। यह वृद्धि 2014 की तुलना में 747 प्रतिशत अधिक है, जो किसी भी सामान्य निवेश या आय के स्रोत से होने वाली वृद्धि से कहीं ज्यादा है।

लगातार दो बार जीतने वाले 102 सांसदों की औसत संपत्ति में 17 करोड़ की वृद्धि, पारदर्शिता और आय के स्रोतों पर उठ रहे गंभीर सवाल

दौलत में बढ़ोतरी का यह ट्रेंड केवल सत्ताधारी दल तक सीमित नहीं है, बल्कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों की संपत्ति में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। कुल 102 ऐसे सांसद हैं जो लगातार दो बार लोकसभा पहुंचे, और उनकी औसत संपत्ति में 17.36 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सांसदों की संपत्ति में इतनी तेज और बड़ी बढ़ोतरी ने राजनीति में पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह मांग जोर पकड़ने लगी है कि जनप्रतिनिधियों की आय और संपत्ति के स्रोतों की नियमित और गहन जांच होनी चाहिए ताकि लोकतंत्र में शुचिता बनी रहे।

GulfHindi Desk

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