Strait of Hormuz में बढ़ते तनाव और पाबंदियों की वजह से अब सामान पहुंचाने का तरीका बदल गया है। दुनिया की बड़ी शिपिंग कंपनी MSC ने यूरोप से मिडिल ईस्ट के लिए एक नया एक्सप्रेस रूट शुरू किया है। अब जहाजों को सीधे जाने के बजाय सऊदी अरब के जमीनी रास्ते का इस्तेमाल करना होगा ताकि सामान समय पर पहुंच सके।

MSC का नया रूट और लैंडब्रिज सिस्टम क्या है?

MSC ने 2 मई 2026 को इस नई सेवा का ऐलान किया था और 10 मई 2026 को एंटवर्प से पहली शिप रवाना होने वाली है। यह रूट यूरोप के कई बंदरगाहों जैसे ग्डान्स्क, एंटवर्प, बार्सिलोना और जेद्दा से होकर गुजरेगा।

  • काम करने का तरीका: सामान को पहले लाल सागर के बंदरगाहों (जेद्दा या किंग अब्दुल्ला पोर्ट) पर उतारा जाएगा।
  • जमीनी सफर: वहां से सामान को ट्रकों के जरिए लगभग 1,300 किलोमीटर का सफर तय कराकर रियाद होते हुए दम्माम भेजा जाएगा।
  • आखिरी मंजिल: दम्माम पहुंचने के बाद छोटे जहाजों के जरिए सामान को UAE (जेबेल अली, अबू धाबी), बहरीन, इराक और कुवैत के बाजारों तक पहुँचाया जाएगा।

Strait of Hormuz में क्या पाबंदियां लगी हैं?

फरवरी 2026 के आखिर से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही लगभग बंद जैसी हो गई है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने यहां बिना अनुमति के जहाजों के आने पर रोक लगा दी है। ईरान के डिप्टी स्पीकर अली निकजाद ने 3 मई 2026 को जानकारी दी कि एक नया 12 पॉइंट मैनेजमेंट प्लान लाया जा रहा है।

इस नए नियम के तहत इजरायली जहाजों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा और दुश्मन देशों से जुड़े जहाजों को तब तक रास्ता नहीं मिलेगा जब तक वे ‘वॉर कंपनसेशन’ यानी युद्ध मुआवजा नहीं देते। ईरान इन ट्रांजिट फीस से होने वाली कमाई का 30% हिस्सा अपनी सेना को मजबूत करने और 70% हिस्सा विकास कार्यों में खर्च करेगा। दूसरी तरफ, अमेरिका के OFAC ने चेतावनी दी है कि जो कंपनियां ईरान को यह भुगतान करेंगी, उन पर भारी जुर्माना लग सकता है।

इस नए बदलाव का व्यापार और खर्च पर क्या असर होगा?

हालांकि यह नया रूट सामान की सप्लाई को जारी रखने के लिए बनाया गया है, लेकिन इसके कुछ नुकसान भी हैं। ट्रकों का इस्तेमाल होने की वजह से सामान पहुंचने में पहले से ज्यादा समय लगेगा और परिवहन का खर्च भी बढ़ जाएगा। साथ ही, सड़क मार्ग के इस्तेमाल से प्रदूषण और उत्सर्जन में भी बढ़ोतरी होगी।

13 अप्रैल 2026 से अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी किए जाने के बाद ग्लोबल शिपिंग में अनिश्चितता बढ़ गई है। इस वजह से जहाजों को अपने रास्ते बदलने पड़ रहे हैं, जिससे अंत में सामान की कीमतों और डिलीवरी के समय पर असर पड़ना तय है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

MSC का नया रूट क्यों शुरू किया गया है

Strait of Hormuz में ईरान की पाबंदियों और बढ़ते तनाव के कारण जहाजों का वहां से गुजरना मुश्किल हो गया है, इसलिए व्यापार को चालू रखने के लिए यह वैकल्पिक रास्ता निकाला गया है।

इस नए रूट में सऊदी अरब की क्या भूमिका है

सऊदी अरब एक लैंडब्रिज के रूप में काम करेगा। सामान लाल सागर के बंदरगाहों पर उतरेगा और फिर ट्रक के जरिए 1,300 किलोमीटर दूर दम्माम पोर्ट तक ले जाया जाएगा।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.