समुद्र में चलने वाले जहाजों के लिए एक बड़ी चेतावनी जारी की गई है। Maritime Security Centre (MSC) ने साफ कहा है कि रात के समय नेविगेशन लाइट्स को बंद करना अंतरराष्ट्रीय नियमों का बड़ा उल्लंघन है। ऐसा करने से समुद्र में मौजूद सभी जहाजों के लिए खतरा बढ़ जाता है और बड़े हादसे हो सकते हैं।
रात में नेविगेशन लाइट बंद करना क्यों है खतरनाक?
MSC ने बताया कि रात के समय लाइट बंद करना अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा मानकों का बड़ा उल्लंघन है। समुद्र में जहाजों की सुरक्षा के लिए कुछ अंतरराष्ट्रीय नियम बनाए गए हैं, जैसे COLREGs और SOLAS।
- इन नियमों के मुताबिक, सूर्यास्त से सूर्योदय तक और कम विजिबिलिटी (धुंध या कोहरे) में लाइट चालू रखना कानूनी जरूरत है।
- लाइट का रंग, उसकी जगह और वह कितनी दूर तक दिखे, इसके लिए सख्त नियम हैं।
- अगर कोई जहाज अपनी लाइट बंद करता है, तो दूसरे जहाजों को उसकी स्थिति का पता नहीं चलता, जिससे टक्कर होने का डर रहता है।
लापरवाही से कितनी बढ़ी मौतें और हादसे?
नेविगेशन लाइट्स की लापरवाही के नतीजे काफी गंभीर हो सकते हैं। U.S. Coast Guard के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2024 में लाइट की खराबी या लापरवाही की वजह से 16 हादसे हुए। इन हादसों में 7 लोगों की जान गई और 13 लोग घायल हुए।
वहीं International Maritime Organization (IMO) ने भी नियम बनाए हैं। 50 मीटर से ज्यादा बड़े जहाजों के लिए लाइट का बैकअप सिस्टम होना जरूरी है ताकि अगर एक लाइट खराब हो, तो दूसरी काम करे।
खलीज देशों के समुद्र में क्यों है ज्यादा खतरा?
आजकल अरब खाड़ी, ओमान की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सुरक्षा को लेकर काफी तनाव है। UKMTO ने भी इस इलाके में चलने वाले जहाजों को बहुत सावधानी बरतने की सलाह दी है।
इस क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां ज्यादा रहती हैं। ऐसे माहौल में अगर कोई जहाज अपनी लाइट बंद करता है, तो वह अन्य जहाजों या सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ा जोखिम बन जाता है। इसीलिए अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करना बहुत जरूरी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नेविगेशन लाइट कब चालू रखना जरूरी है?
अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार, सूर्यास्त से सूर्योदय तक और जब विजिबिलिटी कम हो, तब नेविगेशन लाइट चालू रखना कानूनी रूप से अनिवार्य है।
लाइट बंद करने पर क्या जोखिम होते हैं?
लाइट बंद करने से दूसरे जहाजों को आपकी स्थिति का पता नहीं चलता, जिससे समुद्र में टक्कर होने का खतरा बढ़ जाता है और यह अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है।