यमन के समुद्री इलाके में समुद्री डाकुओं ने M/T Eureka नाम के एक ऑयल टैंकर को अगवा कर लिया है। इस जहाज पर 8 मिस्र के नाविक सवार थे, जिन्हें जबरन सोमालिया के पुंटलैंड तट की तरफ ले जाया गया। इस घटना के बाद कुवैत और अरब लीग ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए कड़ा विरोध जताया है।
जहाज के अपहरण की पूरी जानकारी क्या है
- तारीख: यह अपहरण शनिवार 2 मई 2026 को हुआ था।
- जगह: जहाज को यमन के शबवा प्रांत के तट से पकड़ा गया और फिर उसे जबरन सोमालिया के पुंटलैंड इलाके में ले जाया गया।
- जहाज का विवरण: M/T Eureka एक ऑयल टैंकर है जिस पर टोगो (Togo) का झंडा लगा है।
- बंधक: जहाज पर सवार 8 मिस्र के नाविक फिलहाल डाकुओं के कब्जे में हैं।
- हमलावर: सोमालिया के सुरक्षा अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह काम सोमाली समुद्री डाकुओं ने किया है।
सरकारों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का क्या कहना है
कुवैत सरकार ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और मिस्र के साथ अपनी एकजुटता जताई है। कुवैत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि इस मामले को सुलझाने के लिए मिलकर काम करें और दोषियों को सजा दिलाएं।
मिस्र के विदेश मंत्रालय ने बताया कि वे स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। विदेश मंत्री बदर अब्देलत्टी ने मोगादिशु में मिस्र के दूतावास को निर्देश दिए हैं कि वे नाविकों की हालत का पता लगाएं और उनकी जल्द रिहाई के लिए कोशिश करें। वहीं, अरब लीग के महासचिव अहमद अबु अल-घीत ने भी इस अपहरण की कड़ी निंदा की है। यमन के कोस्ट गार्ड ने कहा कि वे जहाज को ट्रैक कर रहे हैं ताकि चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
अभी की ताज़ा स्थिति और अपडेट
11 और 12 मई 2026 को आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, मिस्र की सरकार नाविकों की रिहाई के लिए लगातार प्रयास कर रही है। खबरों के मुताबिक समुद्री डाकुओं ने नाविकों को छोड़ने के बदले में फिरौती की मांग की है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां और संबंधित देश इस संकट को खत्म करने की कोशिश में जुटे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
M/T Eureka जहाज का अपहरण कब और कहां हुआ
यह अपहरण 2 मई 2026 को यमन के शबवा प्रांत के तट से हुआ। इसके बाद डाकुओं ने जहाज को सोमालिया के पुंटलैंड इलाके में मोड़ दिया।
जहाज पर कितने लोग सवार थे और उनकी स्थिति क्या है
जहाज पर 8 मिस्र के नाविक सवार थे। फिलहाल वे बंधक हैं और रिपोर्ट्स के अनुसार समुद्री डाकुओं ने उनकी रिहाई के लिए फिरौती मांगी है।
