समुद्र के बीच एक भयानक हमला हुआ जिसने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। ओमान की खाड़ी के पास MT Settebello नाम के जहाज पर हुए हमले में हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर के रहने वाले आदित्य शर्मा सहित तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई। इस घटना के बाद से उनके घर में मातम छाया हुआ है और इस हमले को लेकर काफी चिंता जताई जा रही है।
हमला कैसे हुआ और कौन था इसके पीछे?
यह हमला 9 जून की रात या 10 जून की सुबह को हुआ। यह जगह ओमान के सोहार से करीब 20 समुद्री मील दूर थी। US Central Command (CENTCOM) ने बताया कि उनके एक विमान ने जहाज के इंजन रूम पर ‘प्रिसिजन म्यूनिशन’ से हमला किया। अमेरिका का आरोप था कि यह जहाज ईरान से तेल ले जा रहा था जो कि नियमों के खिलाफ था। अमेरिका ने यह भी कहा कि चालक दल ने उनके निर्देशों को मानने से इनकार कर दिया था।
कौन थे मारे गए नाविक और भारत सरकार का क्या कदम है?
जहाज पर कुल 24 भारतीय नाविक सवार थे जिनमें से 21 को बचा लिया गया। जान गंवाने वालों में हमीरपुर के डेक कैडेट Aditya Sharma, इंजन फिटर Shivanand Chaurasiya और चीफ इंजीनियर Patnala Suresh शामिल हैं।
- भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस हमले की कड़ी निंदा की है।
- भारत ने अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स Jason Meeks को बुलाकर औपचारिक विरोध दर्ज कराया।
- शिपिंग मंत्री Sarbananda Sonowal ने दुख जताया और बचाए गए नाविकों को जल्द भारत लाने और मृतकों के शवों को वापस मंगवाने के निर्देश दिए हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और परिवार की मांग
International Maritime Organization (IMO) के महासचिव Arsenio Dominguez ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि ऐसे हमलों से नाविकों की जान खतरे में पड़ती है और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग असुरक्षित हो जाती है। उन्होंने इस पूरी घटना की पारदर्शी जांच की मांग की है। दूसरी ओर, आदित्य शर्मा के परिवार ने इस हादसे की जांच करने और उनके बेटे के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द घर वापस लाने की मांग की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
MT Settebello पर हमला किसने और क्यों किया?
यह हमला US Central Command (CENTCOM) के विमानों ने किया। अमेरिका का आरोप था कि यह जहाज ईरान से तेल ले जा रहा था और चालक दल ने उनके निर्देशों का पालन नहीं किया।
इस हादसे में कितने भारतीय नाविकों की जान गई?
इस हमले में 3 भारतीय नाविकों की मौत हुई है, जिनमें आदित्य शर्मा, शिवानंद चौरसिया और पटनाला सुरेश शामिल हैं। कुल 24 भारतीयों में से 21 को बचा लिया गया।
