भारत ने मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट को लेकर जापान के पूर्व न्याय मंत्री Hideki Makihara द्वारा की गई आलोचनाओं को सिरे से खारिज कर दिया है। 15 जुलाई 2026 को सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी में प्रोजेक्ट की प्रगति और प्रबंधन पर सवाल उठाए गए थे। विदेश मंत्रालय ने इन बयानों को व्यक्तिगत राय बताया और कहा कि ये तथ्य से बहुत दूर हैं।
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प्रोजेक्ट की प्रगति और नई तकनीक पर स्पष्टीकरण
विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि 508 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट पर काम बहुत तेजी से चल रहा है और जापान के साथ चर्चा सुचारू रूप से आगे बढ़ रही है। प्रोजेक्ट के लिए ETCS Level-2 सिग्नलिंग तकनीक के चयन पर छिड़े विवाद को लेकर सरकार ने बताया कि इसके लिए जापान की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं मिला था, और चुनी गई तकनीक अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार है।
काम की रफ्तार और डेडलाइन
नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) के अधिकारियों के अनुसार, कॉरिडोर का करीब 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। भारत अपनी स्वदेशी हाई-स्पीड ट्रेन को जापान की E10 Shinkansen ट्रेनों के आने से पहले ही शुरू करने की तैयारी कर रहा है। सूरत और बिलिमोरा के बीच का पहला सेक्शन 15 अगस्त 2027 तक चालू हो जाएगा, जो इस प्रोजेक्ट के प्रति सरकार की गंभीरता को दर्शाता है।
