Musandam Municipality ने खसब शहर में आवारा जानवरों के खिलाफ एक बड़ा अभियान शुरू किया है। यह मुहिम 10 जुलाई 2026 से लागू हुई है। इसका मुख्य मकसद शहर की खूबसूरती को बढ़ाना और आम लोगों की सुरक्षा को पक्का करना है। प्रशासन ने पशु मालिकों को सख्त हिदायत दी है कि वे पशुपालन से जुड़े सरकारी नियमों का पूरी तरह पालन करें।
ओमान सरकार अब आवारा जानवरों के प्रबंधन पर काफी जोर दे रही है। इसी कड़ी में 7 जुलाई 2026 को Muscat Municipality ने भी एक जागरूकता अभियान चलाया था। इसमें लोगों को आगाह किया गया था कि सड़कों पर लावारिस जानवरों के घूमने से कितने खतरे पैदा हो सकते हैं।
देश में जानवरों की देखभाल के लिए कड़े कानून बनाए गए हैं। 24 फरवरी 2025 को ‘Animal Welfare Law’ लागू किया गया था, जिसकी जिम्मेदारी Ministry of Agriculture, Fisheries, and Water Resources (MAFWR) के पास है। इस कानून के तहत नगर पालिकाओं को यह अधिकार मिला है कि वे लावारिस या उपेक्षित जानवरों को पकड़कर उनके लिए शेल्टर होम बना सकें और नियम तोड़ने वाले मालिकों पर जुर्माना लगा सकें।
Muscat Municipality के आदेश नंबर 1/2011 के मुताबिक, सड़कों और रिहायशी इलाकों में जानवरों को अकेला छोड़ना मना है। पशु मालिकों के लिए यह जरूरी है कि वे अपने पालतू जानवरों के गले में कॉलर पहनाएं और उनका लाइसेंस बनवाएं। साथ ही यह सुनिश्चित करना होगा कि जानवर सार्वजनिक जगहों पर गंदगी न फैलाएं।
अधिकारियों ने पहले भी बताया है कि आवारा जानवरों की वजह से अक्सर सड़क हादसे होते हैं और रास्ते जाम हो जाते हैं। इससे संपत्तियों का नुकसान होता है और गंदगी फैलने से लोगों की सेहत को भी खतरा रहता है। Musandam Municipality की यह कार्रवाई समुदाय की सुरक्षा और बेहतर माहौल बनाने के लिए की गई है।
