अल-अक्सा मस्जिद में घुसपैठ पर भड़के 8 मुस्लिम देश, UAE और सऊदी समेत कई देशों ने इजरायल की कड़ी निंदा की

UAE, सऊदी अरब, कतर और पाकिस्तान समेत 8 मुस्लिम देशों ने अल-अक्सा मस्जिद में हुई घुसपैठ को लेकर कड़ा विरोध जताया है। इन देशों के विदेश मंत्रियों ने इजरायली बसने वालों द्वारा मस्जिद के अंदर जाकर झंडा लहराने और पवित्र स्थल के अपमान की निंदा की। उन्होंने इस पूरी कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का बड़ा उल्लंघन और दुनिया भर के मुसलमानों को उकसाने वाला कदम बताया है।

अल-अक्सा मस्जिद में क्या हुआ और क्यों मचा है बवाल?

23 अप्रैल 2026 को संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन, तुर्किये, मिस्र, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, सऊदी अरब और कतर के विदेश मंत्रियों ने इजरायली बसने वालों की घुसपैठ पर अपनी आपत्ति जताई। इससे पहले 22 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान ने अकेले इस घटना की कड़ी निंदा की थी। मार्च 2026 में रमजान के महीने के दौरान भी इजरायली अधिकारियों ने मुस्लिम उपासकों के लिए मस्जिद के दरवाजे बंद रखे थे, जिस पर इन आठों देशों ने नाराजगी जाहिर की थी।

मुस्लिम देशों ने इजरायल से क्या मांग की है?

इन देशों के मंत्रियों ने साफ किया कि यरुशलम के इस्लामी और ईसाई पवित्र स्थलों पर इजरायल का कोई संप्रभु अधिकार नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि 144 दूनम का पूरा अल-अक्सा क्षेत्र विशेष रूप से मुसलमानों के लिए पूजा स्थल है। जॉर्डन के वक्फ और इस्लामी मामलों के मंत्रालय से जुड़ा विभाग ही यहाँ के इंतजाम और प्रवेश को विनियमित करने वाली एकमात्र कानूनी इकाई है। इन देशों ने इजरायल से तुरंत पुराने यरुशलम शहर के प्रतिबंध हटाने और मस्जिद के दरवाजे खोलने की मांग की है।