ईरान ने एक बार फिर बहरीन, कुवैत और जॉर्डन पर मिसाइल और ड्रोन हमले करके पूरे इलाके में तनाव बढ़ा दिया है. इन हमलों की वजह से बहरीन में एक मासूम बच्ची घायल हो गई और कुवैत को अपना हवाई क्षेत्र बंद करना पड़ा. अब दुनिया की बड़ी संस्था Muslim World League (MWL) ने ईरान की इन हरकतों की कड़ी निंदा की है.

ईरान के हमलों पर मुस्लिम वर्ल्ड लीग का बड़ा बयान

Muslim World League ने गुरुवार को एक बयान जारी कर कहा कि ईरान के ये हमले धार्मिक मूल्यों और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ हैं. संस्था ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन के साथ अपनी पूरी एकजुटता जताई है. MWL के महासचिव शेख डॉ. मोहम्मद अल-इसा ने इन हमलों को आपराधिक बताया और कहा कि इससे क्षेत्र की शांति और सुरक्षा खतरे में है. संस्था का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से स्थिरता बहाल करने की कोशिशों को नुकसान पहुँचता है.

GCC और अन्य देशों ने भी जताया विरोध

सिर्फ MWL ही नहीं, बल्कि GCC (Gulf Cooperation Council) ने भी मनामा में हुई बैठक के बाद ईरान की कड़ी आलोचना की. GCC ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन बताया. सऊदी अरब, मिस्र, कतर, UAE और अरब लीग जैसे देशों ने भी इन हमलों की निंदा की है. कुवैत और जॉर्डन के विदेश मंत्रालयों ने भी इसे अपनी संप्रभुता पर हमला और एक खतरनाक कदम करार दिया है.

क्या हुआ था असल में

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका द्वारा किए गए हमलों का बदला लेने के लिए बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. जॉर्डन की वायु सेना ने करीब 20 मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया. बहरीन में ड्रोन के मलबे की वजह से एक 11 साल की बच्ची चोटिल हो गई और कई संपत्तियों को नुकसान पहुँचा. इसके साथ ही ईरान की Revolutionary Guard (IRGC) ने Strait of Hormuz को सभी व्यापारिक जहाजों और तेल टैंकरों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है.

शांति की कोशिशें

इस गंभीर स्थिति को संभालने और तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान और कतर जैसे देश बातचीत की कोशिश कर रहे हैं. कोशिश यह है कि बातचीत के जरिए मामले को सुलझाया जाए ताकि आम लोगों और व्यापार पर इसका बुरा असर न पड़े.