Muslim World League (MWL) ने ईरान की तरफ से सऊदी अरब और कतर के जहाजों पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है. मंगलवार 7 जुलाई 2026 को Strait of Hormuz के पास समुद्री जहाजों पर ये हमले हुए थे. MWL के महासचिव Mohammed Al-Issa ने ईरान की इन हरकतों को धोखेबाजी और आतंकवाद करार दिया है और कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है.
जहाजों पर हुए हमले और नुकसान
इन हमलों में कतर का एक LNG टैंकर ‘Al Rekayyat’ भी शामिल था, जिसमें ओमान के Limah के पास एक प्रोजेक्टाइल गिरने से आग लग गई. UK Maritime Trade Operations (UKMTO) के मुताबिक, दो और जहाजों पर हमला हुआ, जिसमें से एक पर ड्रोन और दूसरे पर किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया. गनीमत रही कि इन हमलों में कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ और न ही पर्यावरण को कोई खतरा पहुँचा.
अंतरराष्ट्रीय तनाव और प्रतिक्रिया
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब फरवरी 2026 से अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच संघर्ष चल रहा है. यह इलाका दुनिया के तेल और गैस की सप्लाई के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Majed Al Ansari ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय नौवहन और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर एक अस्वीकार्य हमला बताया है. उन्होंने मांग की कि ईरान को इस घटना के लिए पूरी तरह कानूनी रूप से जिम्मेदार ठहराया जाए.
दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने कतर के इन आरोपों को गलत और अस्वीकार्य बताया है. वहीं, MWL ने रियाद में अरब और इस्लामिक विदेश मंत्रियों द्वारा जारी संयुक्त बयान का स्वागत किया है, जिसमें बढ़ते तनाव को कम करने की बात कही गई है.
