ईरान ने एक बार फिर अपनी आक्रामकता दिखाते हुए कुवैत और बहरीन पर ड्रोन और मिसाइल से हमले किए हैं। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और मुस्लिम वर्ल्ड लीग (MWL) ने इन हमलों की कड़ी शब्दों में निंदा की है। यह हमला अमेरिकी हवाई हमलों के जवाब में किया गया बताया जा रहा है।
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हमले की पूरी जानकारी
कुवैत समाचार एजेंसी (KUNA) की रिपोर्ट के अनुसार, 28 जून 2026 को ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कुवैत के अल असद एयर बेस और बहरीन के पोर्ट सलमान में स्थित अमेरिकी नौसेना बेस समेत कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान ने इन हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि यह अमेरिका द्वारा उनके देश पर किए गए हमलों का बदला है।
जानी और माली नुकसान
कुवैत की सेना ने जानकारी दी कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने आने वाले ड्रोन और मिसाइलों को समय रहते हवा में ही रोक लिया, जिससे वहां कोई चोट या नुकसान नहीं हुआ। लेकिन बहरीन में स्थिति थोड़ी गंभीर रही। बहरीन के इंटीरियर मिनिस्ट्री ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास एक रिहायशी इमारत के ऊपरी हिस्से में भारी नुकसान हुआ है। तस्वीरों में एक 8 मंजिला इमारत की ऊपरी मंजिल मलबे में तब्दील दिखी, हालांकि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई।
मुस्लिम वर्ल्ड लीग का कड़ा रुख
मुस्लिम वर्ल्ड लीग के महासचिव शेख डॉ. मोहम्मद बिन अब्दुलकरीम अल-इसा ने इन हमलों को ‘घिनौना’ और ‘अपराधिक’ बताया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के हमले धार्मिक मूल्यों और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन हैं। लीग ने स्पष्ट किया कि वे कुवैत और बहरीन की सुरक्षा और संप्रभुता के साथ पूरी तरह खड़े हैं।
अरब लीग ने भी जताई नाराजगी
इस मामले में अरब लीग ने भी ईरान की कड़ी आलोचना की है। अरब लीग के महासचिव अहमद अबुल गेत ने कहा कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन है। उन्होंने ईरान से अपनी सैन्य कार्रवाइयों को तुरंत रोकने की मांग की और इस गैरकानूनी कदम के लिए ईरान को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया।
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए इस तरह के हमले चिंता का विषय होते हैं। जब भी पड़ोसी देशों के बीच तनाव बढ़ता है, तो इसका सीधा असर वहां रहने वाले कामगारों की मानसिक शांति और यात्राओं पर पड़ता है। ऐसे समय में प्रवासियों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और सतर्क रहने की जरूरत है।
