Mustafa Barghouti ने अमरीका पर लगाया गंभीर आरोप, कहा नेतन्याहू को दे रहा है खुली छूट.

फिलीस्तीनी राजनेता और फिलीस्तीनी नेशनल इनिशिएटिव के महासचिव Mustafa Barghouti ने अमरीका की नीतियों पर तीखा सवाल उठाया है। उनका कहना है कि अमरीका इस्राइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu को गाजा बोर्ड ऑफ पीस योजना के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं से पीछे हटने की खुली छूट दे रहा है। इस स्थिति के कारण गाजा में शांति स्थापित करने के प्रयास कमजोर पड़ रहे हैं और आम लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।
गाजा शांति योजना पर विवाद
नवंबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2803 के तहत गाजा संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक रूपरेखा तैयार की गई थी। इस अमरीका समर्थित ढांचे को इस्राइल द्वारा अस्वीकार किए जाने के बाद भी वाशिंगटन प्रशासन इस्राइल को जिम्मेदार ठहराने में विफल रहा है। फिलीस्तीनी नेताओं का मानना है कि इस कूटनीतिक कमजोरी का फायदा उठाकर इस्राइली नेतृत्व सैन्य कार्रवाई को तेजी से आगे बढ़ा रहा है और वेस्ट बैंक के विलय की योजना पर काम कर रहा है।
क्षेत्रीय कूटनीति और कड़े रुख
इस बीच कूटनीतिक स्तर पर तनाव कम करने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर बातचीत चल रही है। Jared Kushner ने मिस्र में हमास के नेतृत्व और इस्राइल में प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के साथ बैठकें की हैं ताकि 15 सूत्रीय शांति पहल को आगे बढ़ाया जा सके। बोर्ड ऑफ पीस का उद्देश्य गाजा को एक विसैन्यीकृत क्षेत्र में बदलना है और अधिकारियों का दावा है कि योजना अभी भी लागू की जा रही है। हालांकि प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने सार्वजनिक रूप से इस योजना का विरोध किया है और साफ किया है कि जब तक हमास पूरी तरह से हथियार नहीं डाल देता, तब तक इस्राइली सैन्य मौजूदगी बनी रहेगी।
क्षेत्रीय संघर्ष की चेतावनी
इस कूटनीतिक गतिरोध के बीच ईरान के विदेश मंत्री Amir-Abdollahian ने चेतावनी दी है कि मौजूदा शत्रुता एक व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले सकती है। दूसरी ओर इस्राइली मंत्रियों के बयानों और इंग्लैंड से मानवीय सहायता जहाजों जैसे Kate की रवानगी से युद्धविराम की प्रक्रिया में अनिश्चितता और गहरी हो गई है। मध्य पूर्व में चल रहे इन घटनाक्रमों से पूरी दुनिया की नजरें इस क्षेत्र पर टिकी हुई हैं क्योंकि किसी भी बड़ी चूक से हालात और अधिक बिगड़ सकते हैं।