मुस्लिम वर्ल्ड लीग के महासचिव डॉ. मोहम्मद बिन अब्दुलकरीम अल-ईसा ने दुनिया भर में शांति और संतुलन को बढ़ावा देने के लिए कई अहम बातें कही हैं। उन्होंने मक्का डॉक्यूमेंट की कामयाबी और धार्मिक संस्थानों में इसके प्रभाव का जिक्र किया है। इसके साथ ही, उन्होंने कुवैत और सूडान में हुए हालिया हमलों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए अपनी चिंता जताई है।
मक्का डॉक्यूमेंट और सिरा म्यूजियम की कामयाबी
डॉ. अल-ईसा ने बताया कि मक्का डॉक्यूमेंट आधुनिक समय की एक बहुत बड़ी पहल है। इसे दुनिया भर के 1200 से ज्यादा मुफ्ती, विद्वान और हजारों विचारकों का समर्थन मिला है। यह डॉक्यूमेंट अब कई इस्लामिक देशों के धार्मिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक संस्थानों में मध्यम मार्ग और संतुलन को बढ़ावा देने के लिए एक मुख्य रेफरेंस बन गया है। इसके अलावा, उन्होंने प्रोफेट्स बायोग्राफी म्यूजियम की सफलता की चर्चा की, जिसके रबात ब्रांच में अब तक 1 करोड़ से ज्यादा लोग आ चुके हैं।
सूडान और कुवैत हमलों पर कड़ी प्रतिक्रिया
डॉ. अल-ईसा और मुस्लिम वर्ल्ड लीग ने हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर कई बयान जारी किए हैं:
- सूडान हमला: 5 मई 2026 को सूडान के खार्तूम एयरपोर्ट पर हुए हमले की कड़ी निंदा की गई। लीग ने सूडान की सुरक्षा और संप्रभुता के प्रति अपना पूरा समर्थन जताया है।
- कुवैत ड्रोन हमला: 25 अप्रैल 2026 को इराक से कुवैत में हुए ड्रोन हमलों को आपराधिक हमला बताया गया, जिससे इलाके की स्थिरता को खतरा पैदा हुआ है।
- ईरानी हस्तक्षेप: 12 अप्रैल 2026 को ईरान और उसके समर्थित समूहों द्वारा कुवैत के महत्वपूर्ण ठिकानों पर किए गए हमलों की निंदा की गई। डॉ. अल-ईसा ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानवीय मूल्यों का उल्लंघन बताया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मक्का डॉक्यूमेंट को कितना समर्थन मिला है
मक्का डॉक्यूमेंट को दुनिया भर के 1200 से अधिक मुफ्ती, विद्वान और हजारों विचारकों का समर्थन प्राप्त हुआ है।
रबात में प्रोफेट्स बायोग्राफी म्यूजियम की क्या उपलब्धि रही
रबात स्थित इस म्यूजियम ने हाल ही में अपने 1 करोड़वें विजिटर का स्वागत किया है।