नासिक की IT कंपनी में धर्मांतरण का मामला, मंत्री नितेश राणे ने कहा ‘कॉरपोरेट जिहाद’, NCW ने शुरू की जांच

नासिक की एक बड़ी IT कंपनी TCS में धर्म परिवर्तन और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगे हैं। महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने इस पूरे मामले को ‘कॉरपोरेट जिहाद’ और ‘ऑपरेशन गज़वा-ए-हिंद’ का नाम दिया है। इस विवाद में अब राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी एंट्री की है और मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है।

क्या है यह पूरा मामला और अब तक क्या हुआ?

नासिक के TCS BPO यूनिट में आठ महिला कर्मचारियों ने यौन उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और जबरन धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश के आरोप लगाए हैं। एक पुरुष कर्मचारी ने भी कंपनी में दबाव और जबरदस्ती की शिकायत की थी। नासिक पुलिस ने इस मामले में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई और गुप्त ऑपरेशन चलाया। अब तक इस केस में सात पुरुषों और एक महिला मैनेजर सहित कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

सरकार और जांच एजेंसियों ने क्या कदम उठाए हैं?

राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस मामले का संज्ञान लिया है और एक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी बनाई है। यह कमेटी 18 अप्रैल 2026 को कंपनी के ऑफिस जाकर जांच करेगी और 10 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी। महाराष्ट्र सरकार पीड़ितों की मदद के लिए एक स्पेशल हेल्पलाइन शुरू करने की तैयारी कर रही है। वहीं, इस घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट में भी एक याचिका दायर की गई है जिसमें धोखे से धर्म परिवर्तन कराने को रोकने की मांग की गई है।

मुख्य अपडेट्स और आधिकारिक जानकारी

संस्था/व्यक्ति किए गए कदम या बयान
TCS कंपनी नासिक ऑफिस के करीब 120 कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम पर भेजा गया
नितेश राणे मामले को कॉरपोरेट जिहाद बताया और केवल हिंदुओं को नौकरी देने की बात कही
राष्ट्रीय महिला आयोग यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के आरोपों की जांच शुरू की
नासिक पुलिस आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया और SIT का गठन किया
देवेंद्र फडणवीस इस मुद्दे को बहुत गंभीर बताया और दोषियों को कड़ी सजा देने की बात कही
N. चंद्रशेखरन (TCS) शिकायतों को चिंताजनक बताया और पूरी जांच के आदेश दिए
सुप्रीम कोर्ट धर्मांतरण को नियंत्रित करने के लिए याचिका दायर की गई