NATO के महासचिव Mark Rutte ने बताया है कि NATO के सहयोगी देश Strait of Hormuz को फिर से खोलने के लिए सामूहिक रूप से चर्चा कर रहे हैं। 18 मार्च 2026 को दिए अपने बयान में उन्होंने कहा कि सभी सहयोगी इस बात पर सहमत हैं कि इस समुद्री रास्ते को खुला रहना चाहिए। ईरान ने अमेरिका और इज़राइल के साथ चल रहे युद्ध के बीच इस महत्वपूर्ण रास्ते को बंद कर दिया है, जिससे खाड़ी देशों में व्यापार और तेल की सप्लाई पर बुरा असर पड़ रहा है।

Strait of Hormuz बंद होने का क्या प्रभाव पड़ा है?

ईरान और अमेरिका-इज़राइल के बीच चल रहे युद्ध की वजह से यह समुद्री रास्ता पिछले एक महीने से बंद है। इस कारण Persian Gulf में लगभग 500 तेल टैंकर फंसे हुए हैं और उनका आगे बढ़ना मुश्किल हो गया है। ईरान का दावा है कि यह रास्ता केवल उसके दुश्मनों के लिए बंद है, लेकिन कमर्शियल जहाजों पर भी हमले की खबरें आई हैं। इससे सऊदी अरब और UAE जैसे देशों से होने वाली तेल और गैस की सप्लाई पूरी तरह से रुकने के कगार पर पहुंच गई है।

विवाद के मुख्य बिंदु और वर्तमान स्थिति क्या है?

  • Mark Rutte का बयान: उन्होंने कहा कि सभी सहयोगी मिलकर काम कर रहे हैं ताकि रास्ता खोलने का सबसे अच्छा तरीका खोजा जा सके।
  • Donald Trump की मांग: अमेरिकी राष्ट्रपति ने अन्य देशों से युद्धपोत भेजने की अपील की है ताकि तेल टैंकरों को सुरक्षा दी जा सके।
  • ईरान की धमकी: ईरान ने सऊदी अरब, कतर और UAE के ऊर्जा ठिकानों पर हमला करने की चेतावनी दी है।
  • अंतरराष्ट्रीय नियम: UNCLOS के तहत जहाजों को इस रास्ते से गुजरने का अधिकार है, जिसे तटीय देश नहीं रोक सकते।
देश या संगठन ताज़ा अपडेट
NATO रास्ता खोलने के विकल्पों पर चर्चा जारी है
ईरान नाकाबंदी जारी और तेल ठिकानों पर हमले की धमकी दी
अमेरिका सहयोगियों से सैन्य सुरक्षा और युद्धपोतों की मांग की
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.