कुवैत और खाड़ी देशों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। NATO ने कुवैत और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों के साथ अपनी पूरी एकजुटता दिखाई है। बेल्जियम में कुवैत के राजदूत नवाफ अल-एनेजी ने बताया कि NATO देशों ने ईरान द्वारा किए जा रहे बार-बार के उल्लंघनों की कड़ी निंदा की है। इन हरकतों को क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए बड़ा खतरा माना गया है और मांग की गई है कि ईरान इन गतिविधियों को तुरंत बंद करे।

NATO और GCC देशों के बीच क्या बातचीत हुई?

यह महत्वपूर्ण चर्चा ब्रुसेल्स में NATO काउंसिल की एक हाई-लेवल बैठक के दौरान हुई। इसमें इस्तांबुल सहयोग पहल (ICI) के सदस्य देशों जैसे कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और कतर के राजदूतों ने हिस्सा लिया। NATO की डिप्टी सेक्रेटरी जनरल रेडमिला सेकिरिंस्का भी इस बैठक में मौजूद थीं। राजदूत अल-एनेजी ने कहा कि बैठक में खाड़ी देशों की तारीफ की गई क्योंकि उन्होंने उकसावे के बावजूद संयम बरता है। खाड़ी देश लगातार कोशिश कर रहे हैं कि क्षेत्र में तनाव न बढ़े और शांति बनी रहे।

ईरान की हरकतों पर किन देशों ने जताई आपत्ति?

ईरान द्वारा कुवैत और बहरीन के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने के बाद कई देशों ने अपनी आवाज उठाई है। कतर की प्रतिनिधि सारा बिंत अहमद अल मोहनदी ने भी इन हमलों की निंदा की और NATO के रुख का स्वागत किया। कुवैत के अमीर शेख मशाल अल अहमद अल जाबेर अल सबाह ने भी सुरक्षा तैयारियों को बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इस विवाद और हमलों से प्रभावित होने वाले देशों की जानकारी नीचे दी गई है:

प्रभावित देश मुख्य अपडेट
कुवैत बुनियादी ढांचे पर हमला और सुरक्षा अलर्ट जारी
बहरीन महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया
कतर NATO के फैसले का समर्थन और हमले की निंदा
तुर्की ईरान की ओर से आए बैलिस्टिक हथियारों को रोका गया
GCC देश क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर एकजुटता का प्रदर्शन

GCC के महासचिव जसिम मोहम्मद अल-बुदैवी ने कुवैत और बहरीन में बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने वाले हमलों को अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया है। NATO ने भी साफ कर दिया है कि वह किसी भी दिशा से आने वाले खतरों से निपटने के लिए तैयार है और अपने डिफेंस सिस्टम को मजबूत कर रहा है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए भी यह सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा अपडेट है।