NATO ने साफ कर दिया है कि वह खाड़ी देशों के साथ अपनी साझेदारी को और मज़बूत करेगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब ईरान की गतिविधियों और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ में तनाव बढ़ा हुआ है। इस कदम से पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव आ सकता है और देशों के बीच सैन्य तालमेल बढ़ेगा।

NATO और Gulf देशों के बीच क्या होगा खास?

NATO ने आने वाले समय के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं बनाई हैं ताकि क्षेत्रीय सुरक्षा को पुख्ता किया जा सके। इसकी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • अंकारा समिट: 7 और 8 जुलाई 2026 को तुर्की के अंकारा में एक शिखर सम्मेलन होगा, जिसमें बहरीन, कुवैत, कतर और UAE के विदेश मंत्रियों को बुलाया जाएगा।
  • सहयोग के क्षेत्र: दोनों पक्ष समुद्री सुरक्षा, ड्रोन हमलों (UAS) को रोकने, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करेंगे।
  • कुवैत सेंटर: कुवैत में स्थित NATO-ICI रीजनल सेंटर ने 2026 के लिए 31 अलग-अलग गतिविधियों की योजना बनाई है, जिसमें साइबर सुरक्षा और इमरजेंसी प्लानिंग शामिल है।

ईरान की हरकतों और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ पर क्या है अपडेट?

क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए NATO और उसके सहयोगी देश काफी सतर्क हैं। इस मुद्दे पर अब तक की जानकारी इस प्रकार है:

  • सैन्य तैनाती: अगर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ जुलाई तक बंद रहता है, तो NATO वहां अपनी सेना तैनात करने पर विचार कर रहा है।
  • ईरान की निंदा: NATO के डिप्टी सेक्रेटरी जनरल राडमिला शेकरिंस्का और अन्य सहयोगियों ने ईरान के “अंधाधुंध हमलों” की कड़ी निंदा की है।
  • रक्षा का अधिकार: NATO ने UN सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का जिक्र करते हुए कहा है कि खाड़ी देशों को UN चार्टर के तहत अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है।

विशेषज्ञों की राय और भविष्य की तैयारी

सुरक्षा विशेषज्ञों और बड़े नेताओं ने इस स्थिति को लेकर अपनी राय दी है। पूर्व कतरी प्रधानमंत्री हामद बिन जासिम ने सऊदी अरब की मुख्य भूमिका के साथ एक ‘गल्फ मिलिट्री अलायंस’ बनाने का सुझाव दिया है, जो NATO की तरह काम करे। वहीं, यूक्रेन के विशेषज्ञ अब खाड़ी देशों को ईरानी ड्रोन से निपटने की सलाह दे रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ को फिर से खोलने में सहयोगियों की भूमिका पर सवाल उठाए थे और आगामी समिट के लिए छोटे फॉर्मेट की बात कही थी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

NATO और खाड़ी देशों की समिट कब और कहाँ होगी?

यह समिट 7 और 8 जुलाई 2026 को तुर्की के अंकारा में होगी, जिसमें बहरीन, कुवैत, कतर और UAE के विदेश मंत्रियों को आमंत्रित किया गया है।

NATO और Gulf पार्टनर्स किन मुख्य मुद्दों पर काम करेंगे?

मुख्य रूप से समुद्री सुरक्षा, ड्रोन हमलों को रोकना, साइबर सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ व्यावहारिक सहयोग पर चर्चा और काम किया जाएगा।