नाटो (NATO) ने इराक में चल रहे अपने प्रशिक्षण मिशन को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया है। इराकी अधिकारियों और नाटो सदस्य देशों के अनुसार, क्षेत्र में बढ़ती अशांति और सुरक्षा खतरों के कारण यह कदम उठाया गया है। लगभग 600 सैनिकों को वहां से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है। मिशन का काम फिलहाल रोक दिया गया है और हालात सुधरने पर दोबारा शुरू करने की बात कही गई है।

नाटो ने इराक से अपने सैनिकों को क्यों हटाया?

मध्य पूर्व में जारी तनाव और हाल के हमलों के बाद सैनिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी। 18 और 19 मार्च 2026 को नाटो ने सर्वसम्मति से मिशन को निलंबित करने का निर्णय लिया। स्पेनिश रक्षा मंत्री Margarita Robles ने पुष्टि की कि सैनिकों को वहां से निकालने की तैयारी पहले ही पूरी कर ली गई थी। इराक में नाटो का मुख्य काम वहां की सेना को ट्रेनिंग देना और सुरक्षा संस्थानों को आतंकवाद के खिलाफ मजबूत करना था। हालिया हमलों और सुरक्षा बिगड़ने के चलते सैनिकों की जान को खतरा पैदा हो गया था।

इस फैसले से जुड़ी कुछ मुख्य जानकारी

मुख्य बिंदु विवरण
निकाले गए सैनिक लगभग 600 सैन्य कर्मी
शामिल मुख्य देश Spain, Austria और Australia
निकासी की तारीख 18-19 मार्च 2026
अगला कदम सुरक्षा सुधरने तक मिशन निलंबित

स्पेन के सैनिकों को सुरक्षित तुर्की भेज दिया गया है। मिशन को रोकने का फैसला सभी सदस्य देशों ने मिलकर लिया है। अमेरिका इस मिशन को सितंबर 2026 तक पूरी तरह खत्म करने की योजना पर भी विचार कर रहा है ताकि नाटो अपना ध्यान अन्य रक्षा कार्यों पर लगा सके। निकासी के दौरान एक विमान को गोलाबारी के कारण उतरने में परेशानी का सामना करना पड़ा। फिलहाल सभी कर्मियों की सुरक्षा नाटो की पहली प्राथमिकता बनी हुई है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.