Strait of Hormuz को लेकर दुनिया भर में तनाव बढ़ गया है। अब स्पेन के विदेश मंत्री ने साफ़ कर दिया है कि NATO इस रास्ते को दोबारा खोलने के लिए किसी भी सैन्य कार्रवाई में शामिल नहीं होगा। यह खबर ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच खींचतान जारी है और तेल की सप्लाई पर खतरा मंडरा रहा है।

स्पेन और NATO का इस मामले पर क्या स्टैंड है?

स्पेन के विदेश मंत्री José Manuel Albares ने 10 अप्रैल 2026 को पुष्टि की कि NATO इस रास्ते को खोलने के लिए किसी भी सैन्य ऑपरेशन का हिस्सा नहीं बनेगा। फ्रांस की जूनियर आर्मी मिनिस्टर Alice Rufo ने भी कहा कि NATO केवल यूरोप और अटलांटिक की सुरक्षा के लिए है और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में ऑपरेशन करना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ होगा। स्पेन ने पहले ही यह साफ कर दिया था कि वह ईरान के खिलाफ किसी भी अमेरिकी या इजराइली युद्ध को गैरकानूनी मानता है।

अमेरिका और ईरान के बीच क्या विवाद चल रहा है?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है कि वह तेल टैंकरों से गुजरने वाले जहाजों पर टोल टैक्स न लगाए। ट्रंप ने कहा कि ईरान तेल की आवाजाही में सही काम नहीं कर रहा है और यह समझौते के खिलाफ है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि तेल की सप्लाई बहुत जल्द शुरू होगी, चाहे इसमें ईरान की मदद मिले या न मिले। दूसरी तरफ, ईरान ने पहले इस रास्ते को बंद किया था और अब अपनी शर्तों पर इसे खोलने की बात कर रहा है।

क्या कोई और देश इस मिशन को लीड कर रहा है?

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि इस रास्ते की सुरक्षा की जा सके। इस सुरक्षा मिशन के लिए करीब 34 देशों के साथ सैन्य योजना पर काम चल रहा है। NATO के महासचिव Mark Rutte ने पहले संकेत दिए थे कि गठबंधन इस मिशन में भूमिका निभा सकता है, लेकिन अब यूरोपीय देशों के बीच इसे लेकर मतभेद नजर आ रहे हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.