दुनिया भर में तनाव बढ़ गया है क्योंकि NATO और अमेरिका अब ईरान और Strait of Hormuz की सुरक्षा को लेकर गंभीर चर्चा कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि युद्ध रोकने की कोशिशें अब बहुत कमजोर पड़ चुकी हैं। इस बीच, तेल और ऊर्जा संकट ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है।
NATO और अमेरिका की ईरान को लेकर क्या रणनीति है?
NATO चीफ Mark Rutte ने 12 मई 2026 को कहा कि वे गठबंधन के भविष्य को लेकर उम्मीद रखते हैं, लेकिन ईरान का मामला अब दुनिया की सबसे बड़ी सुरक्षा समस्या बन गया है। अमेरिका और उसके साथी देश अब Strait of Hormuz को सुरक्षित करने के तरीकों पर बात कर रहे हैं।
- युद्ध का खर्चा: अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने बताया कि ईरान युद्ध का खर्च अब तक करीब 29 अरब डॉलर पहुंच चुका है।
- सैन्य कार्रवाई: 28 फरवरी को इसराइल और अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले किए थे और पिछले महीने अमेरिकी नौसेना ने नाकेबंदी भी की थी।
- हथियारों की स्थिति: Pete Hegseth ने कहा कि हथियारों का स्टॉक कम हो रहा है, लेकिन सरकार उत्पादन बढ़ा रही है।
बाकी देशों और भारत पर क्या असर पड़ेगा?
Strait of Hormuz एक ऐसा रास्ता है जहाँ से दुनिया का बहुत सारा तेल गुजरता है, इसलिए यहाँ तनाव का असर हर देश पर पड़ता है। ईरान ने संकेत दिए हैं कि वह इस रास्ते पर अपना नियंत्रण बढ़ा रहा है।
- भारत का कनेक्शन: ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi जल्द ही BRICS समिट के लिए भारत आएंगे ताकि दोनों देशों के रिश्ते मजबूत हों।
- UAE और पाकिस्तान: खबरों के मुताबिक UAE ने ईरान पर गुप्त हमले किए हैं। वहीं, पाकिस्तान ने ईरान को अपने एयरबेस इस्तेमाल करने दिए, जिससे अमेरिकी सीनेटर Lindsey Graham ने पाकिस्तान पर भरोसा करने से मना कर दिया है।
- ईरान का जवाब: ईरान की प्रवक्ता Fatemeh Mohajerani ने कहा कि उन्होंने 40 दिनों तक दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य ताकत से मुकाबला किया और वे अब बातचीत के जरिए हल चाहते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Strait of Hormuz इतना जरूरी क्यों है?
यह दुनिया के तेल व्यापार का मुख्य रास्ता है। अगर यहाँ तनाव बढ़ता है या रास्ता बंद होता है, तो पूरी दुनिया में तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं और ऊर्जा संकट पैदा हो सकता है।
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध का कुल खर्चा कितना हुआ है?
अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth के अनुसार, इस सैन्य अभियान का कुल खर्च अब तक लगभग 29 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।
