सऊदी अरब का NEOM Port अब पूरी तरह से चालू हो गया है और रेड सी (Red Sea) पर एक बड़े सेंटर के रूप में काम कर रहा है। यह पोर्ट अमेरिका, यूरोप और मिस्र जैसे देशों को सीधे गल्फ और इराक के बाज़ारों से जोड़ रहा है। इससे सामान लाने-ले जाने का तरीका बदलेगा और व्यापार में तेज़ी आएगी।

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NEOM Port से व्यापार पर क्या असर पड़ेगा?

इस पोर्ट के चालू होने से अब सामान को यूरोप और मिस्र से गल्फ देशों तक पहुँचाना आसान हो गया है। सऊदी अरब ने एक नया कॉरिडोर शुरू किया है जिसमें ट्रक और फेरी सर्विस का इस्तेमाल होगा। इससे समय की बचत होगी और सामान जल्दी पहुँचेगा। यह रास्ता उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है जो होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्तों पर निर्भर नहीं रहना चाहते।

पोर्ट की खासियतें और निवेश

NEOM Port को बहुत ही आधुनिक बनाया गया है। इसमें ऑटोमेशन का इस्तेमाल किया गया है ताकि काम तेज़ी से हो सके। इसके लिए काफी बड़ा निवेश किया गया है और दुनिया के सबसे बड़े जहाज़ों को संभालने की तैयारी है।

विवरण जानकारी
कुल निवेश 7.5 अरब सऊदी रियाल (2 अरब डॉलर)
T1 टर्मिनल क्षमता 1.5 मिलियन TEU
मुख्य शहर Oxagon (औद्योगिक शहर)
तकनीकी पार्टनर्स ZPMC, Liebherr, Siemens
शिपिंग पार्टनर CMA CGM
जुड़े इलाके उत्तर और दक्षिण अमेरिका, यूरोप, मिस्र, इराक और गल्फ देश

सरकारी अपडेट और भविष्य की योजना

PIF के गवर्नर यासिर अल-रुमैयन ने 15 अप्रैल 2026 को साफ़ किया कि NEOM के प्रोजेक्ट्स बंद नहीं हो रहे हैं। कुछ कामों को आगे बढ़ाया गया है लेकिन Oxagon और पोर्ट पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। साल 2026 में ही नया T1 कंटेनर टर्मिनल भी शुरू हो जाएगा, जो पूरी तरह ऑटोमेटेड क्रेन से लैस होगा।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.