Nepal News: नेपाल के दो पूर्व प्रधानमंत्रियों के निजी सचिवों पर शिकंजा, भ्रष्टाचार रोधी आयोग ने शुरू की संपत्ति की जांच.

नेपाल की राजनीति में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। देश के एंटी करप्शन ब्यूरो ने दो पूर्व प्रधानमंत्रियों के निजी सचिवों और उनके परिवारों की अकूत संपत्ति की गहराई से छानबीन शुरू कर दी है। इस हाई-प्रोफाइल जांच के दायरे में कई बड़े नाम शामिल हो चुके हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों के मुताबिक, शिकायतों के आधार पर यह सख्त कदम उठाया गया है और रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
किन-किन नेताओं के सचिव आए दायरे में
मिली जानकारी के अनुसार, एंटी करप्शन आयोग ने पूर्व प्रधानमंत्री शेरबहादुर देउवा के कार्यकाल के दौरान उनके निजी सचिव रहे भानु देउवा और उनके परिवार की संपत्तियों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा, पूर्व प्रधानमंत्री पुष्पकमल दाहाल ‘प्रचण्ड’ की निजी सचिव और उनकी बेटी गंगा दाहाल तथा उनके पति जीवन आचार्य के नाम पर मौजूद संपत्तियों की भी संयुक्त रूप से जांच आगे बढ़ाई जा रही है। जांच अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार रोधी नियमों के तहत परिवार के सदस्य भी स्वतः ही जांच के दायरे में आ जाते हैं।
जांच के दायरे में पूर्व मंत्री और विधायक
इस पूरी प्रक्रिया के तहत कोशी प्रदेश विधानसभा के सदस्य और कोशी प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री रह चुके जीवन आचार्य भी कानूनी शिकंजे में आ गए हैं। जांच अधिकारियों का कहना है कि गंगा दाहाल और जीवन आचार्य से जुड़ी छानबीन भानु देउवा की तुलना में थोड़ा आगे बढ़ चुकी है। अधिकारियों ने इन दोनों से कई संपत्तियों के असली स्रोतों का खुलासा करने के लिए अतिरिक्त दस्तावेज और जानकारी मांगी है। ब्यूरो की टीम लगातार बैंक खातों के विवरण, जमीन-जायदाद और शेयरों से जुड़े तमाम रिकॉर्ड जुटाने में जुटी हुई है।
पहले भी हो चुकी है ऐसी कार्रवाई
बता दें कि एंटी करप्शन ब्यूरो इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के निजी सचिव रहे राजेश बज्राचार्य की संपत्ति की भी जांच शुरू कर चुका है। उस दौरान बज्राचार्य को ब्यूरो ने अपने दफ्तर में बुलाकर उनकी संपत्ति के ब्योरे को लेकर लंबी पूछताछ की थी। नेपाल में लगातार एक के बाद एक शीर्ष नेताओं के करीबियों पर हो रही इन कार्यवाहियों से साफ है कि प्रशासन भ्रष्टाचार के मामलों में पूरी तरह सख्त रुख अपना रहा है और किसी को भी बख्शने के मूड में नहीं है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप हिन्दुस्थान समाचार की मूल रिपोर्ट देख सकते हैं।