नेपाल में भीषण बाढ़ का कहर, 105 भारतीयों समेत 400 से ज्यादा पर्यटक लापता और मौत की आशंका.

नेपाल में मौसम ने एक बार फिर ऐसा भयंकर रूप दिखाया है कि हर तरफ अफरा-तफरी मच गई है। तिब्बत सीमा के पास रासुवा इलाके की भोटेकोशी नदी में बुधवार सुबह अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। इस भयंकर आपदा की चपेट में आने से 105 भारतीयों समेत 400 से ज्यादा पर्यटक लापता हो गए हैं। अचानक आए इस सैलाब के कारण कई लोगों की मौत होने की भी बड़ी आशंका जताई जा रही है, जिससे परिवारों में चिंता की लहर दौड़ गई है।
तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर फटने से आई अचानक बाढ़
नेपाल के स्थानीय समय के अनुसार बुधवार सुबह करीब साढ़े 08 बजे तिब्बत सीमा से लगे क्षेत्र में यह दर्दनाक हादसा हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, तिब्बत की तरफ किसी हिमनद झील यानी ग्लेशियर के फटने या फिर जलस्तर में अचानक बहुत ज्यादा बढ़ोतरी होने के कारण यह भारी बाढ़ आई है। पानी का बहाव इतना तेज था कि इसने अपने रास्ते में आने वाली हर चीज को तहस-नहस कर दिया। इस तबाही में कई गांव पानी में डूब गए, रास्ते की सड़कें टूट गईं और बड़े-बड़े पुल भी बह गए। इसके अलावा कई हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स को भी भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है।
पर्यटन बोर्ड ने जारी किए लापता लोगों के आंकड़े
हादसे के बाद नेपाल के संबंधित विभागों ने आधिकारिक आंकड़े जारी किए हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड के मुताबिक, हादसे के बाद से कुल 384 पर्यटक अधिकृत तौर पर लापता बताए जा रहे हैं। इन लापता लोगों में 105 भारतीय नागरिक, 291 अन्य विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। प्रारंभिक आंकड़ों से पता चलता है कि सबसे ज्यादा संख्या उन लोगों की है जो अलग-अलग ट्रेकिंग एजेंसियों के माध्यम से घूमने गए थे। इसमें ट्रेकर्स सोसाइटी के 92 लोग, सम्राट टूर एंड ट्रैवल्स के 71 लोग, लीफ होलिडे के 55 लोग और हिमालयन ग्लेशियर के 52 पर्यटक शामिल हैं।
विभिन्न देशों के नागरिक और बचाव अभियान
लापता होने वाले विदेशी पर्यटकों में भारत के अलावा ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड्स, अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका के नागरिक भी शामिल हैं। पर्यटन बोर्ड ने यह भी बताया कि कुछ ऐसे लोग भी हैं जिनकी राष्ट्रीयता की जानकारी अभी तक पूरी तरह से सामने नहीं आ पाई है। इस संकट की घड़ी में नेपाल की सेना, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तेजी से राहत और बचाव कार्यों में जुट गई हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड, पर्यटक पुलिस और अन्य अधिकारी प्रभावित इलाकों में लगातार खोजबीन कर रहे हैं और ट्रेकिंग गाइडों के साथ मिलकर लापता लोगों के आंकड़ों का सत्यापन करने का काम जारी है।