नेपाल के लिए एक बहुत बड़ी खुशी की बात सामने आई है। न्यूयॉर्क से चोरी हुई 13वीं सदी की बुद्ध प्रतिमा अब वापस अपने घर लौट आई है। इस मूर्ति को शुक्रवार, 1 मई 2026 को काठमांडू के उसके पुराने मंदिर में फिर से स्थापित किया गया। यह मौका इसलिए भी खास था क्योंकि इस दिन पूरा नेपाल 2570वां बुद्ध जयंती का उत्सव मना रहा था।

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बुद्ध प्रतिमा की चोरी और वापसी का पूरा मामला क्या है?

यह बुद्ध प्रतिमा 1980 के दशक में नेपाल के एक मंदिर से चोरी हो गई थी। काफी समय बाद यह मूर्ति न्यूयॉर्क के Tibet House US नाम के एक सांस्कृतिक केंद्र में मिली, जहाँ इसे किसी अज्ञात भिक्षु ने दान किया था। साल 2022 में यह मूर्ति न्यूयॉर्क से वापस नेपाल लाई गई और अब इसे उसके असली स्थान पर फिर से लगा दिया गया है।

वापसी पर अधिकारियों और लोगों ने क्या कहा?

इस मौके पर वाशिंगटन के विशेष दूत Sergio Gor ने कहा कि उनका मकसद उन बेशकीमती चीजों को वापस लाना है जो सालों पहले गलत हाथों में चली गई थीं। काठमांडू की मेयर Sunita Dangol ने बताया कि ये मूर्तियाँ सिर्फ पत्थर की वस्तुएं नहीं हैं, बल्कि इनका लोगों के सामाजिक जीवन और संस्कृति से गहरा नाता है। मंदिर आने वाली 67 साल की Sunkesari Shakya ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनके भगवान वापस आ गए हैं। इस पूरी प्रक्रिया में नेपाल के पुरातत्व विभाग और काठमांडू महानगर शहर ने कानूनी मदद की थी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

बुद्ध प्रतिमा कब और कहाँ से वापस आई?

यह प्रतिमा साल 2022 में न्यूयॉर्क के Tibet House US से वापस नेपाल आई और 1 मई 2026 को काठमांडू के मंदिर में स्थापित की गई।

यह मूर्ति मूल रूप से कब चोरी हुई थी?

यह 13वीं सदी की बुद्ध प्रतिमा 1980 के दशक में नेपाल के एक मंदिर से चोरी हो गई थी।