नेपाल के दक्षिणी हिस्सों में हिंदू और मुस्लिम समूहों के बीच हुई हिंसक झड़पों के कारण हालात काफी तनावपूर्ण हो गए हैं। इस हिंसा में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिसके बाद सरकार ने पूरे इलाके में शांति बनाए रखने की अपील की है। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में कर्फ्यू भी लगाया है ताकि स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सके।
हिंसा का घटनाक्रम और सरकारी कार्रवाई
इस हिंसा की शुरुआत 26 जुलाई 2026 को सुनसरी जिले से हुई थी, जहां पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए फायरिंग करनी पड़ी। मृतकों में 24 वर्षीय ओम प्रकाश मेहता, 20 वर्षीय जया प्रकाश मेहता और 17 वर्षीय गणेश यादव शामिल हैं। प्रधानमंत्री Balendra Shah ने इस घटना पर दुख जताते हुए पीड़ितों के परिवारों को सांत्वना दी है और एक निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है।
सरकार ने इस मामले की जांच के लिए गृह मंत्रालय की एक समिति का गठन किया है। गृह मंत्री Sudan Gurung ने पीड़ित परिवारों के साथ सात सूत्रीय समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपये का मुआवजा, सरकारी नौकरी और उन्हें शहीद का दर्जा देने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, घायल लोगों के इलाज का पूरा खर्च भी सरकार उठाएगी। देश के राष्ट्रपति Ramchandra Paudel ने भी लोगों से शांति और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की अपील की है।
