नेपाल में भीषण बाढ़ का कहर, चीन सीमा पर खड़े 500 से अधिक कंटेनर बहे और पूरा गाँव तबाह.

Nura Basta26 August 20262 min read138 viewsWorld
नेपाल में भीषण बाढ़ का कहर, चीन सीमा पर खड़े 500 से अधिक कंटेनर बहे और पूरा गाँव तबाह.

पड़ोसी देश नेपाल से एक बड़ी और डरावनी खबर सामने आ रही है जहाँ तिब्बत में आज सुबह ग्लेशियर के अचानक फूट जाने से नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में भारी तबाही मच गई है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण नेपाल-चीन सीमा पर नेपाल आने के लिए खड़े 500 से अधिक कंटेनर बाढ़ के तेज पानी में बह गए हैं, जिससे व्यापारिक जगत में हड़कंप मच गया है। अचानक आई इस भीषण बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया है और कई लोग इसकी चपेट में आ गए हैं।

कस्टम यार्ड और रास्ते हुए पूरी तरह तबाह

नेपाल हिमालय सीमापार वाणिज्य संघ के अनुसार, रसुवा के टिमुरे स्थित कस्टम कार्यालय के यार्ड में रखे गए सैकड़ों कंटेनर इस भयंकर बाढ़ में समा गए। संघ के सचिव आङदोर्जे शेर्पा ने शुरुआती जानकारी साझा करते हुए बताया कि केवल कस्टम यार्ड में रखे करीब 200 कंटेनर पानी के तेज बहाव में बह गए हैं। इसके अलावा, जो कंटेनर चीन की ओर सामान लेने के लिए जा रहे थे, उनमें से लगभग 300 कंटेनर भी बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। शेर्पा का कहना है कि इन सभी वाहनों में से शायद 10 प्रतिशत कंटेनर ही सुरक्षित बचे होंगे, बाकी सब बर्बाद हो गए हैं।

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स्थानीय लोगों से मिली जानकारी का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि टिमुरे इलाके का पूरा गाँव ही बाढ़ की वजह से बह गया है। सड़क पर कंटेनर कतार में खड़े थे और अब चीन की ओर जाने वाले रास्ते का दूर-दूर तक कोई निशान नहीं बचा है। इस आपदा ने व्यापार और परिवहन को पूरी तरह से ठप कर दिया है।

राहत और बचाव कार्य जारी

घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक स्तर पर तुरंत कदम उठाए गए। आङदोर्जे शेर्पा ने बताया कि फिलहाल एक हेलीकॉप्टर को टिमुरे भेजा गया है, जिसकी मदद से 7 से 8 गंभीर रूप से घायल लोगों का रेस्क्यू किया गया है और उन्हें इलाज के लिए काठमांडू भेज दिया गया है। गनीमत यह है कि कस्टम कार्यालय के आसपास के टिमुरे क्षेत्र में अब बाढ़ का पानी कुछ कम होने लगा है और धीरे-धीरे वहां टेलीफोन सेवाएं भी बहाल हो रही हैं, जिससे अपनों की खैरियत जानने में मदद मिल रही है।

प्रशासन और वाणिज्य संघ की चिंता

नेपाल हिमालय सीमापार वाणिज्य संघ के अध्यक्ष रामहरि कार्की ने भी इस घटना की पुष्टि की है। उनका कहना है कि इस अचानक आई आपदा के कारण बड़े पैमाने पर जनधन का भारी नुकसान हुआ है। सैकड़ों की संख्या में कंटेनर और बहुत से लोग इस बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। सीमावर्ती व्यापार से जुड़े व्यापारियों को इस घटना से करारा झटका लगा है क्योंकि सड़क मार्ग पूरी तरह कट जाने के कारण आवाजाही पूरी तरह बंद हो चुकी है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप हिन्दुस्थान समाचार की मूल रिपोर्ट देख सकते हैं।

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