नेपाल की विदेश नीति में बड़ा बदलाव, विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा- आर्थिक कूटनीति अब हमारी पहली प्राथमिकता

Nura Basta13 August 20263 min read60 viewsWorld
नेपाल की विदेश नीति में बड़ा बदलाव, विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा- आर्थिक कूटनीति अब हमारी पहली प्राथमिकता

नेपाल की विदेश नीति को लेकर एक बड़ा बयान सामने आया है, जहां देश के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने स्पष्ट किया है कि अब उनकी सरकार की विदेश नीति के केंद्र में केवल और केवल आर्थिक कूटनीति है। 07 अगस्त को काठमांडू में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस नई नीति का मुख्य मकसद आम नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। सरकार अब व्यापार, निवेश, रोजगार, उद्यमिता, पर्यटन, टेक्नोलॉजी, नवाचार और सतत विकास के क्षेत्र में नए और बेहतर अवसर पैदा करने पर पूरा ध्यान दे रही है, ताकि देश आर्थिक रूप से तेजी से आगे बढ़ सके।

पड़ोसी देशों के साथ मजबूत होते संबंध और साझा विकास

विदेश मंत्री खनाल ने अपने संबोधन में बताया कि नेपाल अपने दोनों बड़े पड़ोसी देशों, भारत और चीन के साथ संप्रभु समानता, आपसी सम्मान और एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए रिश्ते निभाता है। एशिया महाद्वीप में जिस तेजी से आर्थिक बदलाव आ रहे हैं, उससे सभी देशों के लिए साथ मिलकर आगे बढ़ने के नए रास्ते खुले हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि देश में लंबे समय तक टिकने वाला विकास चाहिए, तो आपसी सहयोग ही एकमात्र सबसे मजबूत और भरोसेमंद रास्ता है। सरकार का मुख्य लक्ष्य यह है कि वह हर उस मित्र देश के साथ मिलकर काम करे, जो नेपाल के समावेशी और मजबूत विकास में मददगार साबित हो सके।

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भारत और चीन की प्रगति को नेपाल मान रहा है अपने लिए अवसर

विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि भारत और चीन की आर्थिक तरक्की ने नेपाल के सामने भी विकास के कई नए दरवाजे खोले हैं। इन दोनों देशों की वजह से नेपाल में व्यापार बढ़ाने, बाहर से पैसा निवेश कराने, सड़क और बुनियादी ढांचे को सुधारने, पर्यटन को बढ़ावा देने और आर्थिक सहयोग को व्यापक बनाने के बेहतरीन मौके मिल रहे हैं। नेपाल का अब यह सपना है कि वह केवल एक लैंडलॉक्ड यानी चारों तरफ जमीन से घिरा देश बनकर न रहे, बल्कि वह चीन और दक्षिण एशिया के बीच एक ऐसा गतिशील सेतु बन जाए जो दोनों क्षेत्रों को आपस में जोड़े और व्यापार को आसान बनाए।

समझौतों से ज्यादा आम जनता के लिए रोजगार और अवसर पर जोर

खनाल ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार के काम का मूल्यांकन इस बात से नहीं होना चाहिए कि कागजों पर कितने समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं। असली सफलता इस बात में है कि सरकार ने अपने देश के नागरिकों के लिए कितने नए रोजगार और अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने बताया कि नेपाल सरकार अब गुणवत्तापूर्ण निवेश लाने, देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, निर्यात बढ़ाने, पर्यटन क्षेत्र को उठाने, स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल, डिजिटल बदलाव और निजी क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है।

नेपाल की सांस्कृतिक ताकत और सॉफ्ट पावर

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए विदेश मंत्री ने नेपाल की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक ताकत यानी सॉफ्ट पावर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध की जन्मभूमि होना, गुरु पद्मसंभव की आध्यात्मिक विरासत, दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट और यूनेस्को की कई विश्व धरोहर स्थल नेपाल की असली ताकत हैं। उन्होंने इन सभी क्षेत्रों के साथ-साथ ऊर्जा सुरक्षा, क्लाइमेट एक्शन, रिसर्च और विश्वविद्यालयों के बीच आपसी तालमेल बढ़ाने पर भी जोर दिया, ताकि पूरी दुनिया के साथ रिश्तों को और ज्यादा मजबूत किया जा सके।

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