सर्बिया जाएंगे नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल, बेलग्रेड में उच्चस्तरीय स्मरणीय सभा में लेंगे हिस्सा.

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल आगामी 30 अगस्त से 2 सितंबर तक सर्बिया की आधिकारिक यात्रा पर रहने वाले हैं। इस दौरान वह सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड में आयोजित होने वाली गुटनिरपेक्ष आंदोलन की हाई लेवल कमेमोरेटिव मीटिंग में नेपाल का प्रतिनिधित्व करेंगे। विदेश मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, मंत्री शिशिर खनाल के नेतृत्व में एक तीन सदस्यीय नेपाली प्रतिनिधिमंडल इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बेलग्रेड पहुंचेगा। यह प्रतिनिधिमंडल 31 अगस्त और 1 सितंबर को होने वाली बैठकों में सक्रिय रूप से हिस्सा लेगा। नेपाल सरकार की मंत्रिपरिषद ने बीते 11 अगस्त को हुई बैठक में इस उच्चस्तरीय स्मरणीय सभा में देश की भागीदारी को लेकर आधिकारिक निर्णय लिया था। अपनी इस विदेश यात्रा को पूरा करने के बाद विदेश मंत्री खनाल आगामी 2 सितंबर को वापस नेपाल लौट आएंगे।
गुटनिरपेक्ष आंदोलन का ऐतिहासिक महत्व और बेलग्रेड सम्मेलन
दिलचस्प बात यह है कि वर्ष 1961 में गुटनिरपेक्ष आंदोलन का पहला ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन इसी शहर बेलग्रेड में आयोजित किया गया था। इस पहले सम्मेलन की 65वीं वर्षगांठ के अवसर पर सर्बिया की राजधानी में इस वर्ष इस विशेष उच्चस्तरीय स्मरणीय सभा का आयोजन किया जा रहा है। नेपाल अपनी स्वतंत्र विदेश नीति के संचालन के मुख्य आधार स्तंभ के रूप में हमेशा से ही गुटनिरपेक्षता के सिद्धांत को पूरी निष्ठा के साथ अपनाता आया है। इस वैश्विक कार्यक्रम में दुनिया भर के कई बड़े देशों के नेता, विभिन्न देशों के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल और गुटनिरपेक्ष आंदोलन में शामिल सदस्य देशों के प्रतिनिधि शिरकत करेंगे।
प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने क्यों बनाई इस यात्रा से दूरी
इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह को भी औपचारिक निमंत्रण भेजा गया था। हालांकि, प्रधानमंत्री शाह ने अपनी मौजूदा नीति के तहत फिलहाल किसी भी विदेशी कार्यक्रम या यात्रा में शामिल नहीं होने का फैसला किया है और इसी वजह से उन्होंने इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम से भी किनारा कर लिया है। इसके अलावा, आगामी सितंबर महीने में न्यूयार्क में आयोजित होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में भी प्रधानमंत्री शाह ने खुद न जाने का बड़ा निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री के इन सम्मेलनों में व्यक्तिगत रूप से शामिल न होने के कारण इस बार देश के विदेश मंत्री ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नेपाल का प्रतिनिधित्व संभाल रहे हैं।