नेपाल की नई विदेश नीति का बड़ा ऐलान, आर्थिक तरक्की और व्यापार को मिलेगी प्राथमिकता.

Sushma Kumari7 August 20262 min read55 viewsWorld
नेपाल की नई विदेश नीति का बड़ा ऐलान, आर्थिक तरक्की और व्यापार को मिलेगी प्राथमिकता.

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने हाल ही में एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि देश की विदेश नीति का मुख्य केंद्र अब आर्थिक कूटनीति बन गई है। काठमांडू में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य लक्ष्य देश के नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना और रोजगार, पर्यटन, निवेश और तकनीक के क्षेत्र में नए रास्ते खोलना है। सरकार अब केवल समझौतों पर हस्ताक्षर करने के बजाय उन वास्तविक अवसरों पर ध्यान दे रही है जिनसे आम जनता को फायदा मिले।

आर्थिक मजबूती के लिए पड़ोसी देशों से बेहतर संबंध

विदेश मंत्री के अनुसार, नेपाल अपने दोनों पड़ोसी देशों चीन और भारत के साथ आपसी सम्मान और साझा हितों के आधार पर संबंध बनाए रखना चाहता है। उनका मानना है कि एशिया में हो रहे आर्थिक बदलाव नेपाल के लिए एक बड़ा मौका हैं। नेपाल खुद को एक ऐसे गतिशील सेतु के रूप में देख रहा है जो चीन और दक्षिण एशिया के बीच व्यापारिक और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने का काम करेगा। सरकार का सपना नेपाल को केवल एक स्थलरुद्ध देश के बजाय एक महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्र बनाना है।

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विकास की नई योजनाएं और प्राथमिकताएं

सरकार ने आने वाले समय में आर्थिक बदलाव लाने के लिए कई क्षेत्रों को चुना है जिनमें बुनियादी ढांचा विकास, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल परिवर्तन और निजी क्षेत्र को बढ़ावा देना शामिल है। विदेश मंत्री ने जोर देकर कहा कि किसी भी सहयोग की सफलता का पैमाना यह होना चाहिए कि उससे कितने नए रोजगार पैदा हुए हैं।

  • बुनियादी ढांचा: सड़कों और संपर्क व्यवस्था को मजबूत करना।
  • पर्यटन: नेपाल की सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों का उपयोग कर पर्यटकों को आकर्षित करना।
  • डिजिटल परिवर्तन: तकनीक के माध्यम से सेवाओं को आसान बनाना।
  • क्षेत्रीय सहयोग: दक्षिण एशिया में व्यापार और आपूर्ति शृंखला में सुधार।

नेपाल अपनी सॉफ्ट पावर जैसे कि भगवान बुद्ध की जन्मभूमि, माउंट एवरेस्ट और यूनेस्को की धरोहरों का इस्तेमाल भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान और प्रभाव बढ़ाने के लिए कर रहा है। सरकार का मानना है कि अनुसंधान, नवाचार और विश्वविद्यालयों के बीच आपसी सहयोग से विकास को गति दी जा सकती है। नेपाल सभी मित्र देशों के साथ मिलकर एक लचीले और सतत भविष्य के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि दक्षिण एशिया की पूरी आर्थिक क्षमता का उपयोग किया जा सके और क्षेत्रीय समृद्धि में हिस्सेदारी बढ़ाई जा सके। अधिक जानकारी के लिए आप हिन्दुस्थान समाचार की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।

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