Nepal News: नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री शेरबहादुर देउवा साढ़े पांच माह बाद लौटे स्वदेश, राष्ट्रीय एकता का किया बड़ा आह्वान.

नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और नेपाली कांग्रेस के पूर्व सभापति शेरबहादुर देउवा लंबे समय तक विदेश रहने के बाद आखिरकार अपने देश वापस लौट आए हैं। वह गुरुवार को बैंकॉक के रास्ते नेपाल की राजधानी काठमांडू पहुंचे, जहां त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय विमानस्थल पर उनकी पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। उनके इस प्रकार स्वदेश लौटने से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और सभी की निगाहें उनके अगले कदमों पर टिकी हुई हैं।
क्यों गए थे विदेश और कब हुआ था हमला
पिछले साल सितंबर महीने में देश में हुए जेन-जी आंदोलन के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री देउवा और उनकी पत्नी आरजु राणा देउवा को भारी विरोध का सामना करना पड़ा था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने उनके ऊपर हमला भी किया था और उनके आवास पर आगजनी जैसी गंभीर घटना को अंजाम दिया गया था। इस अप्रिय घटना के तुरंत बाद स्वास्थ्य लाभ और इलाज के लिए देउवा सिंगापुर चले गए थे। इसके बाद इसी साल मार्च के महीने में वह अपने आगे के इलाज के सिलसिले में सिंगापुर से होते हुए हांगकांग पहुंचे थे, जहां वह लगभग साढ़े पांच महीने तक रहे।
विमानस्थल पर हुआ भव्य स्वागत
करीब साढ़े पांच महीने का लंबा समय बिताने के बाद गुरुवार को हांगकांग से बैंकॉक के रास्ते देउवा नेपाल वापस पहुंचे। त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय विमानस्थल पर उनके स्वागत के लिए नेपाली कांग्रेस के तमाम बड़े दिग्गज नेता मौजूद रहे। इनमें पार्टी के पूर्व कार्यवाहक सभापति पूर्णबहादुर खड्का, नेता प्रकाशमान सिंह, कृष्णप्रसाद सिटौला, आनंद ढुंगाना, मोहन बस्नेत और विमलेन्द्र निधि सहित कई प्रमुख नेता शामिल थे, जिन्होंने हवाई अड्डे पर पहुंचकर उनका स्वागत किया।
राष्ट्रीय एकता और पार्टी एकजुटता पर जोर
नेपाल लौटने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री देउवा ने पार्टी के भीतर आंतरिक एकता और देश में राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का पुरजोर आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका यह लौटना किसी भी तरह की सत्ता या शक्ति को हासिल करने के लिए नहीं है, बल्कि वह केवल राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के मकसद से सक्रिय हुए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि नेपाली कांग्रेस को अब पूरी तरह से एकजुट होना चाहिए और देश में सक्रिय अन्य सभी राजनीतिक दलों के साथ भी आपसी सहमति और सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने पार्टी के भीतर चल रहे मतभेदों और कार्यकर्ताओं में दिख रही निराशा को तुरंत दूर करने की जरूरत बताई।
एक साधारण नागरिक की तरह रहने की बात
देउवा ने मीडिया और पार्टी के सामने यह बात बिल्कुल साफ कर दी कि उनका मुख्य उद्देश्य अब कुर्सी पाना नहीं है, बल्कि देश की एकता को बचाए रखना है। उन्होंने कहा कि वह किसी बड़े नेता के रूप में नहीं, बल्कि इस महान राष्ट्र के एक आजीवन साधारण नागरिक की तरह अपने घर लौटे हैं। इस दौरान उन्होंने देश, राष्ट्रियता, लोकतंत्र और कानून के शासन के प्रति अपनी पुरानी और अटूट प्रतिबद्धता को एक बार फिर से दोहराया।