नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउवा की वापसी, 11 अगस्त को स्वदेश लौटेंगे देउवा.

नेपाल की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां देश के पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउवा लंबे समय से चले आ रहे अपने निर्वासित जीवन को समाप्त कर वापस स्वदेश लौट रहे हैं। शेर बहादुर देउवा ने खुद इस बात की जानकारी मीडिया संस्थानों को भेजे गए आधिकारिक ई-मेल के जरिए साझा की है। उनके इस कदम से नेपाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है क्योंकि उनकी वापसी के साथ ही कई राजनीतिक समीकरणों के बदलने की संभावना जताई जा रही है।
11 अगस्त को नेपाल पहुंचेंगे पूर्व प्रधानमंत्री
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शेर बहादुर देउवा 11 अगस्त को नेपाल पहुंचेंगे। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उनके साथ उनकी पत्नी और पूर्व विदेश मंत्री डॉ. आरजू देउवा भी आ रही हैं या नहीं। नेपाली कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रकाश शरण महत ने भी इस खबर की पुष्टि की है। महत के मुताबिक, देउवा 11 अगस्त की रात 9:45 बजे कैथे पैसिफिक एयरलाइंस की फ्लाइट से हांगकांग के रास्ते काठमांडू पहुंचेंगे। उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में इस खबर को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है।
पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक में लेंगे हिस्सा
नेपाल लौटने के बाद, शेर बहादुर देउवा का मुख्य ध्यान पार्टी की गतिविधियों पर रहेगा। उन्होंने अपने ई-मेल में बताया है कि वे राजधानी काठमांडू में 13 अगस्त को आयोजित होने वाली नेपाली कांग्रेस पार्टी की बैठक में शामिल होंगे। यह बैठक विशेष रूप से देउवा समूह की तरफ से बुलाई गई है, जिसमें पार्टी के आगे की रणनीति और आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा की जाएगी। उम्मीद की जा रही है कि इस महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी के अधिकांश नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब नेपाल के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं जोरों पर हैं। नेपाली कांग्रेस के भीतर होने वाली यह बैठक न केवल देउवा की सक्रियता को दर्शाती है, बल्कि पार्टी के भविष्य के दिशा-निर्देशों के लिए भी अहम मानी जा रही है। हिन्दुस्थान समाचार के अनुसार, पंकज दास द्वारा दी गई इस जानकारी से स्पष्ट है कि देउवा की वापसी नेपाल की सक्रिय राजनीति में एक नई शुरुआत हो सकती है। पार्टी के भीतर एकजुटता का संदेश देने के लिए इस बैठक को एक बड़े मंच के रूप में देखा जा रहा है, जिससे आगामी दिनों में नेपाल के राजनीतिक परिदृश्य में बड़े बदलाव आ सकते हैं।