Nepal News: नेपाल के गौरीशंकर हिमालय पर बड़ा रेस्क्यू, पिछले साल हिमस्खलन में लापता हुए 5 विदेशी पर्वतारोहियों के शव बरामद.

नेपाल के दोलखा जिले के गौरीशंकर हिमालय की चोटी पर एक साल पहले बड़ा हादसा हुआ था। पर्वतारोहण के दौरान पिछले वर्ष आए भयानक हिमस्खलन में लापता हुए पांच विदेशी पर्वतारोहियों के शव अब बरामद कर लिए गए हैं। इस दुखद घटना के बाद से लगातार खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा था, जिसमें अब जाकर बड़ी सफलता मिली है। स्थानीय प्रशासन और राहत टीमों ने खराब मौसम का सामना करते हुए इन शवों को सुरक्षित बाहर निकालने का काम शुरू किया है, जिससे परिवारों को उनके अपनों के बारे में आधिकारिक जानकारी मिल सकेगी।
एक साल पहले हुआ था बड़ा हादसा
जिला पुलिस कार्यालय दोलखा के सूचना अधिकारी संतोष कुमार खड़का ने मीडिया को जानकारी दी कि सोमवार को जो शव बरामद किए गए हैं, वे पिछले वर्ष गौरीशंकर हिमालय पर चढ़ाई के दौरान हिमस्खलन की चपेट में आए पर्वतारोहियों के ही हैं। यह सभी लोग 17 नवंबर 2025 को अचानक आए हिमस्खलन के बाद से लापता हो गए थे। उस समय इलाके में भारी बर्फबारी और खराब मौसम के चलते बचाव कार्य रोकना पड़ा था, जिससे इनकी तलाश पूरी नहीं हो पाई थी।
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल अलग-अलग समूहों में नेपाली और विदेशी नागरिकों सहित कुल 15 पर्वतारोही 5,630 मीटर की ऊंचाई पर स्थित गौरीशंकर हिमालय पर चढ़ाई के लिए गए थे। इसी दौरान कुदरत का कहर बरपा और हिमस्खलन हो गया। इस हादसे में गनीमत यह रही कि आठ लोगों का सुरक्षित बचाव कर लिया गया था, लेकिन सात पर्वतारोही लापता हो गए थे। लापता सात लोगों में से दो के शव तो हादसे के तुरंत बाद ही बरामद कर लिए गए थे, लेकिन बाकी पांच का कोई अता-पता नहीं चल पा रहा था।
खराब मौसम के कारण अभियान में आई थी रुकावट
स्थानीय लोगों द्वारा पांच शवों को एक साथ देखे जाने की सूचना मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आया। इसके बाद शवों को बरामद करने और उनकी पहचान की प्रक्रिया पूरी करने के लिए रविवार को गौरीशंकर हिमालय क्षेत्र में एक हेलीकॉप्टर भेजा गया था। हालांकि, उस समय मौसम बहुत खराब था, जिसके कारण बचाव एवं शव बरामदगी अभियान बुरी तरह प्रभावित हुआ और हेलीकॉप्टर को वापस लौटना पड़ा।
इसके बाद सोमवार को मौसम में थोड़ा सुधार होने पर हेलीकॉप्टर घटनास्थल तक पहुंचने में पूरी तरह सफल रहा। राहत टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए अब तक तीन शवों को गोंगर नामक स्थान पर सुरक्षित पहुंचा दिया है। बाकी बचे दो शवों को भी नीचे लाने के लिए हेलीकॉप्टर दोबारा घटनास्थल की ओर रवाना हो गया है। प्रशासन को उम्मीद है कि यदि मौसम आज पूरी तरह अनुकूल रहा तो शेष दोनों शवों को भी आज ही गोंगर सुरक्षित पहुंचा दिया जाएगा।
इन विदेशी पर्वतारोहियों के मिले शव
हादसे के तुरंत बाद जिन दो मृतकों की पहचान हुई थी, उनमें दोलखा के गौरीशंकर ग्रामीण नगरपालिका-9 के पदम तामाङ और सोलुखुम्बु के मेरे कार्की शामिल थे। उनके शव घटना के समय ही परिजनों को सौंप दिए गए थे। वहीं, हिमस्खलन के बाद जो पांच पर्वतारोही लंबे समय से लापता थे, वे सभी विदेशी नागरिक थे।
लाفتा रहने वाले इन विदेशी पर्वतारोहियों में फ्रांस की मेनफेडी क्रिस्टिना एन्ड्रे, इटली के पाउलो कोको और मार्कोस किरचिलर, जर्मनी के ज्याकोब इसरिवर तथा कनाडा के मार्को डि मारसेलो शामिल थे। खोज एवं बचाव अभियान में शामिल ड्रीम डेस्टिनेशन की टीम ने बताया कि लगातार हो रही भारी बर्फबारी के कारण उस समय सर्च ऑपरेशन को बीच में ही रोकना हमारी मजबूरी बन गया था।
लगभग एक साल के लंबे इंतजार के बाद इन पांचों पर्वतारोहियों के शव मिल जाने से इस जटिल खोज अभियान को एक बहुत बड़ी सफलता हासिल हुई है। सभी शवों को नीचे पूरी तरह सुरक्षित लाने के बाद उनकी औपचारिक पहचान की जाएगी और फिर आगे की कानूनी तथा कूटनीतिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी ताकि उनके शवों को उनके पैतृक देशों और परिजनों तक पहुंचाया जा सके। इस पूरी जानकारी की पुष्टि हिन्दुस्थान समाचार के माध्यम से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर की गई है।