नेपाल के गृहमंत्री का अजीब बयान, चुनावी वादे पूरे करने की मांग पर जनता से बोले- वोट वापस ले जाओ

नेपाल की राजनीति में इन दिनों एक अलग ही हलचल देखने को मिल रही है जब देश के गृहमंत्री सुदन गुरुंग अपने ही निर्वाचन क्षेत्र के दौरे पर जनता के तीखे सवालों का सामना करते नजर आए। चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा करने की मांग को लेकर जब स्थानीय लोगों ने उनसे सवाल किए, तो वह भड़क गए और गुस्से में यहां तक कह दिया कि जनता चाहे तो चुनाव में उनको दिया गया अपना समर्थन और वोट वापस ले सकती है। उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे आम जनता और राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
गोरखा-1 क्षेत्र का मामला
यह पूरी घटना बीते रविवार की है जब नेपाल के गृहमंत्री सुदन गुरुंग अपने निर्वाचन क्षेत्र गोरखा-1 के शहीद लखन गाउंपालिका इलाके के दौरे पर पहुंचे थे। इस दौरान क्षेत्र के तमाम लोग अपनी समस्याओं को लेकर उनसे मिलने आए और चुनाव के वक्त किए गए विकास कार्यों के वादों की याद दिलाई। लोगों का कहना था कि चुनाव जीतने के बाद से अब तक उनके इलाकों में कोई खास बदलाव या विकास कार्य देखने को नहीं मिला है, जिस कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जनता की इन शिकायतों को सुनने के बाद मंत्री जी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने मौके पर मौजूद लोगों से दोटूक शब्दों में बात की।
चार महीने में कायापलट संभव नहीं
लोगों के गुस्से और सवालों का जवाब देते हुए गृहमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इतने कम समय में किसी भी क्षेत्र का कायापलट होना मुमकिन नहीं है। उन्होंने बताया कि बीते मार्च महीने में संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा के लिए चुनाव हुए थे और उन्हें जीते हुए अभी केवल चार महीने ही बीते हैं। उन्होंने जनता से दो टूक कहा कि अगर वे लोग उनके काम करने के तरीके से संतुष्ट नहीं हैं और उन पर भरोसा नहीं कर सकते, तो वे अपना वोट वापस ले जा सकते हैं। उन्होंने आगे यह भी कहा कि या तो वे उन्हें शांति से पांच साल तक अपना काम करने दें या फिर अपने मत को वापस लेने का विचार करें क्योंकि वह बहुत साफ बोलने वाले नेता हैं।
बजट और विकास कार्यों पर सफाई
अपने दौरे के दौरान जनता को समझाते हुए गृहमंत्री ने बजट की प्रक्रिया पर भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर से विकास योजनाओं की एक पूरी सूची मंगाई गई है और उसी के आधार पर आगे का काम किया जा रहा है। उन्होंने मजाकिया और सख्त लहजे में कहा कि अगर इतने छोटे-छोटे बजट को भी बजट की आधिकारिक किताब में शामिल किया जाए, तो वह किसी महाग्रंथ यानी ‘महाभारत’ की तरह लंबी हो जाएगी। उन्होंने याद दिलाया कि चुनाव प्रचार के दौरान भी उन्होंने जनता से पूरी ईमानदारी से बात की थी और पहले ही कह दिया था कि यदि वे उन पर विश्वास नहीं करते हैं, तो उन्हें वोट न दें। उन्होंने कहा कि उन्होंने उस समय भी अपनी बात रखने का पूरा साहस दिखाया था और आज भी वे अपनी बात पर पूरी तरह से कायम हैं। इस पूरी खबर की विस्तृत जानकारी आप हिन्दुस्थान समाचार पर देख सकते हैं।