नेपाल और भारत का बड़ा कदम, सीमा सुरक्षा मजबूत करने के लिए बढ़ाई जाएगी संयुक्त गश्त.

भारत और नेपाल के बीच सीमा सुरक्षा को और अधिक पुख्ता बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है जिसके तहत दोनों देशों के सीमावर्ती जिलों के सुरक्षा अधिकारी आपसी सहयोग को बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। नेपाल और भारत के अधिकारियों ने हाल ही में महोत्तरी के जिला मुख्यालय जलेश्वर में आयोजित एक विशेष समन्वय बैठक के दौरान यह फैसला लिया है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों पड़ोसी देशों की खुली सीमाओं पर होने वाली अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाना और आपसी तालमेल को बेहतर करना था ताकि किसी भी तरह की सुरक्षा चुनौती से आसानी से निपटा जा सके।
सीमा अपराधों और तस्करी पर रोक लगाने की रणनीति
महोत्तरी के सहायक प्रमुख जिला अधिकारी संजय कुमार पोखरेल ने जानकारी दी कि बैठक के दौरान मुख्य रूप से अवैध हथियारों की आवाजाही, मादक पदार्थों की तस्करी और मानव तस्करी जैसे गंभीर सीमा अपराधों को रोकने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि अपराधियों पर नकेल कसने के लिए यह जरूरी है कि दोनों तरफ की पुलिस और प्रशासनिक एजेंसियां मिलकर काम करें। इसके अलावा सीमा स्तंभों यानी पिलरों की सुरक्षा और उनके नियमित रखरखाव को लेकर भी ठोस रणनीतियां बनाई गईं ताकि सीमाओं का निर्धारण स्पष्ट बना रहे और किसी भी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।
सूचनाओं का नियमित आदान-प्रदान और गश्त का दायरा
दोनों पक्षों के बीच यह सहमति बनी है कि सीमा क्षेत्र में होने वाली हर संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत एक-दूसरे के साथ साझा की जाएगी। खुफिया तंत्र को मजबूत करते हुए सूचनाओं के नियमित आदान-प्रदान से अपराधियों के मंसूबे समय रहते नाकाम किए जा सकेंगे। इसके साथ ही सुरक्षा बलों द्वारा की जाने वाली संयुक्त गश्त के क्षेत्र का दायरा भी बढ़ाया जाएगा ताकि संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा का दायरा और अधिक व्यापक हो सके। अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से दोनों देशों के आम नागरिकों को भी सुरक्षित माहौल मिलेगा और अवैध आवागमन पर पूरी तरह से रोक लगेगी।
बैठक में शामिल हुए दोनों देशों के प्रमुख अधिकारी
जलेश्वर में आयोजित इस उच्च स्तरीय समन्वय बैठक में भारत और नेपाल दोनों तरफ के कई वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। नेपाल की तरफ से महोत्तरी के प्रमुख जिला अधिकारी इंद्रदेव यादव, सर्लाही के प्रमुख जिला अधिकारी विजयराज सुवेदी और रौतहट के प्रमुख जिला अधिकारी दिनेश सागर ने शिरकत की। वहीं भारतीय पक्ष का प्रतिनिधित्व करते हुए सीतामढ़ी के जिला मजिस्ट्रेट तनय सुल्तानिया और सीतामढ़ी के पुलिस अधीक्षक अमित रंजन ने बैठक में हिस्सा लिया और सीमा सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अपने विचार रखे।