नेपाल भूस्खलन: जाजरकोट में भारी बारिश से तबाही, 3 लोगों की मौत और 4 लोग अभी भी लापता

नेपाल के कई हिस्सों में इन दिनों लगातार मूसलाधार बारिश आफत बनकर बरस रही है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। ताजा मामला जाजरकोट जिले का है, जहां भेरी नगरपालिका के रिसाड़ इलाके में रविवार सुबह करीब 5:30 बजे अचानक एक भयानक भूस्खलन हुआ। इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आने से तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि चार अन्य लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है और स्थानीय प्रशासन राहत व बचाव कार्य में पूरी ताकत से जुटा हुआ है।
अधिकारियों ने दी जानकारी और राहत कार्य शुरू
सशस्त्र पुलिस के आधिकारिक प्रवक्ता डीएसपी शैलेन्द्र थापा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि भूस्खलन की सूचना मिलते ही सुरक्षाबलों को तुरंत मौके पर रवाना कर दिया गया था। लापता लोगों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पुलिस से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, रिसाड़ इलाके की रहने वाली 54 वर्षीय उमा सिंह खत्री और 83 वर्षीय रती खत्री के शव मलबे से बरामद कर लिए गए हैं। वहीं, इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए 52 वर्षीय केदार कार्की ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। इसके अलावा, भेरी नगरपालिका के चिसापानी इलाके के रहने वाले 70 वर्षीय भीम बहादुर कार्की और गैरीगांव के रहने वाले 14 वर्षीय हरिस बीके अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश लगातार जारी है।
घरों को पहुंचा भारी नुकसान और घायलों का इलाज
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस शक्तिशाली भूस्खलन की वजह से कुल आठ घरों को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा है और कई मकान मलबे में दब गए हैं। रविवार तड़के हुई इस घटना में कई अन्य लोग भी घायल हुए हैं। घायलों में उसी इलाके के रहने वाले 62 वर्षीय राम बहादुर शाही, 45 वर्षीय सिद्धि बहादुर कामी, 58 वर्षीय कमला कार्की, 23 वर्षीय अनिता कार्की, 10 वर्षीय युनिस शाही, 45 वर्षीय सुन्तली चदरा और 61 वर्षीय भद्रकला कार्की शामिल हैं, जिन्हें तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। घायलों में राम बहादुर शाही और भद्रकला कार्की की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए तुरंत नेपालगंज और सुर्खेत रेफर कर दिया गया है।
सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम और सुरक्षित स्थानों पर लोगों को भेजना
लापता लोगों की खोजबीन और राहत कार्यों को तेज गति देने के लिए नेपाली सेना, सशस्त्र प्रहरी बल नेपाल गुल्म जाजरकोट और नेपाल पुलिस की एक बड़ी संयुक्त टीम को आज सुबह से ही मैदान में उतार दिया गया है। राहत दल की इस संयुक्त टीम का नेतृत्व सशस्त्र पुलिस निरीक्षक कमल कार्की कर रहे हैं। घटनास्थल पर तीनों सुरक्षा एजेंसियों के कुल 155 जवान मुस्तैदी के साथ तैनात हैं। स्थानीय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बड़ा कदम उठाते हुए भूस्खलन के संभावित खतरे की चपेट में आ रहे संबंधित वार्ड के करीब 200 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। इन सभी प्रभावित लोगों को फिलहाल पास के त्रिभुवन आधारभूत विद्यालय के भवन में सुरक्षित रूप से स्थानांतरित कर दिया गया है, जहां उनके खाने-पीने और रहने की व्यवस्था की जा रही है। इस पूरी घटना की विस्तृत जानकारी पंकज दास द्वारा हिन्दुस्थान समाचार के माध्यम से साझा की गई है।