नेपाल में भारी बारिश का कहर, जाजरकोट जिले में लैंडस्लाइड से चार लोगों की मौत और सैकड़ों बेघर.

Nura Basta17 August 20262 min read64 viewsWorld
नेपाल में भारी बारिश का कहर, जाजरकोट जिले में लैंडस्लाइड से चार लोगों की मौत और सैकड़ों बेघर.

पश्चिम नेपाल के जाजरकोट जिले में लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने भयंकर तबाही मचाई है, जहां लैंडस्लाइड की चपेट में आने से चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है और आठ अन्य लोग बुरी तरह घायल बताए जा रहे हैं। इस प्राकृतिक आपदा ने स्थानीय लोगों की जिंदगी को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में पूरी ताकत से जुटा हुआ है ताकि प्रभावितों को तुरंत मदद पहुंचाई जा सके।

हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान

अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह दुखद घटना 15 अगस्त की रात को हुई जब भारी भूस्खलन ने भेरी म्युनिसिपलिटी (Bheri Municipality) इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। इस भयानक हादसे में जिन चार बदकिस्मत लोगों की जान गई, उनकी पहचान 54 साल की उमा सिंह खत्री, 83 साल की रती खत्री, 70 साल के भीम बहादुर कार्की और 52 साल के केदार कार्की के रूप में की गई है। अचानक हुए इस भूस्खलन की वजह से लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वे इसकी जद में आ गए।

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संपत्ति का भारी नुकसान और शेल्टर की मजबूरी

इस आपदा की वजह से इलाके में बड़े पैमाने पर संपत्ति का नुकसान हुआ है, जिससे आम जनता की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ गई हैं। भूस्खलन के कारण दो मकान पूरी तरह जमींदोज हो गए हैं और आठ अन्य घरों को भारी नुकसान पहुंचा है। घर टूटने की वजह से बचे हुए लोग अब सुरक्षित ठिकानों की तलाश में अस्थायी शिविरों और खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं, जहां उनके सामने खाने-पीने और रहने का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

प्रशासन और सुरक्षाबलों का राहत अभियान

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेपाली सेना ने मोर्चा संभाल लिया है और वह आर्म्ड पुलिस फोर्स तथा स्थानीय नेपाल पुलिस के साथ मिलकर लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए खतरे वाले इलाकों से 300 से ज्यादा नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला है और उन्हें त्रिभुवन बेसिक स्कूल (Tribhuvan Basic School) जैसे सुरक्षित स्थानों पर ठहराया गया है, जहां उन्हें जरूरत का सामान मुहैया कराया जा रहा है।

विशेषज्ञों की चेतावनी और मौसम का असर

भूवैज्ञानिकों ने पहले ही चेतावनी जारी की थी कि इलाके में पिछले दिनों आए भीषण भूकंप के कारण मिट्टी में बड़े पैमाने पर दरारें आ चुकी हैं, जिसकी वजह से इस क्षेत्र में भूस्खलन का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ गया है। भूकंप के झटकों से पहले से ही कमजोर हो चुके मकानों में रहने वाले हजारों लोग अब इस मानसूनी बारिश के मौसम में और ज्यादा असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। गौरतलब है कि इस मानसूनी सीजन में नेपाल भर में बारिश और उससे जुड़ी आपदाओं की वजह से अब तक 80 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। सरकारी एजेंसियां अभी भी राहत कार्यों में जुटी हैं, लेकिन भूकंप प्रभावित इलाकों में पुनर्निर्माण का काम काफी धीमा चल रहा है जिससे आम लोगों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।

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