Nepal News: नेपाल की राजधानी काठमांडू में सनातन हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर निकली विशाल पैदल यात्रा, पशुपतिनाथ मंदिर तक पहुंचे लोग.

Aanya10 August 20262 min read75 viewsWorld
Nepal News: नेपाल की राजधानी काठमांडू में सनातन हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर निकली विशाल पैदल यात्रा, पशुपतिनाथ मंदिर तक पहुंचे लोग.

पड़ोसी देश नेपाल में इन दिनों एक बार फिर से सनातन हिंदू राष्ट्र बनाए जाने की मांग को लेकर राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं। इसी सिलसिले में राजधानी काठमांडू में सोमवार को एक बड़ी पैदल यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और देश को फिर से हिंदू राष्ट्र का दर्जा दिए जाने की पुरजोर मांग उठाई। यह पूरी यात्रा नेपाल सनातन धर्म संस्कृति संगठन के बैनर तले आयोजित की गई थी, जिसे मुख्य रूप से राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी यानी आरपीपी का करीबी संगठन माना जाता है। इस आयोजन का मुख्य मकसद नेपाल की पुरानी पहचान को वापस लाना और सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए आवाज बुलंद करना था।

मैतीदेवी मंदिर से शुरू हुई यात्रा पशुपतिनाथ मंदिर तक पहुंची

आयोजकों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह पैदल यात्रा राजधानी के प्रसिद्ध मैतीदेवी मंदिर से शुरू हुई और आगे बढ़ते हुए ऐतिहासिक पशुपतिनाथ मंदिर के पास जाकर समाप्त हुई। इस मार्च के दौरान रास्ते भर प्रतिभागियों ने सनातन धर्म, संस्कृति और पारंपरिक मान्यताओं को बचाने के पक्ष में जोरदार नारे लगाए। इस पैदल यात्रा में आम लोगों के साथ-साथ कई जाने-माने राजनीतिक चेहरे भी शामिल हुए। मुख्य रूप से आरपीपी की सांसद खुश्बु ओली ने भी इस यात्रा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ कदम से कदम मिलाकर चलीं। उनके साथ पार्टी और संगठन से जुड़े तमाम समर्थक भी मौजूद रहे जिन्होंने नेपाल को आधिकारिक तौर पर फिर से हिंदू राष्ट्र घोषित किए जाने की मांग को प्रमुखता से उठाया।

साल 2008 में नेपाल बना था धर्मनिरपेक्ष गणराज्य

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नेपाल साल 2008 में राजशाही व्यवस्था खत्म होने और गणतांत्रिक देश बनने से पहले दुनिया का इकलौता आधिकारिक हिंदू राष्ट्र हुआ करता था। राजनीतिक बदलाव के बाद देश के संविधान में संशोधन किया गया और नेपाल को एक धर्मनिरपेक्ष गणराज्य घोषित कर दिया गया। हालांकि, जब से देश में धर्मनिरपेक्षता लागू हुई है, तभी से आरपीपी समेत देश के कई अन्य हिंदूवादी संगठन और राजतंत्र समर्थक समूह लगातार यह मांग करते आ रहे हैं कि नेपाल को उसकी पुरानी पहचान वापस लौटाई जाए। सोमवार को निकाली गई यह पैदल यात्रा इसी लंबी राजनीतिक और सामाजिक मुहिम का एक नया हिस्सा थी, जिसे लेकर देश में चर्चाओं का दौर फिर से शुरू हो गया है।

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