नेपाल में एलपीजी गैस की भारी किल्लत, गैस विक्रेताओं ने सरकार से की प्रत्यक्ष बिक्री रोकने की मांग.

Aanya16 August 20262 min read66 viewsWorld
नेपाल में एलपीजी गैस की भारी किल्लत, गैस विक्रेताओं ने सरकार से की प्रत्यक्ष बिक्री रोकने की मांग.

नेपाल में इन दिनों खाना पकाने वाले LPG Gas की भारी कमी देखने को मिल रही है, जिससे आम जनता की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। इस गंभीर संकट को देखते हुए गैस विक्रेता महासंघ ने सरकार के सामने एक बड़ी मांग रखी है। महासंघ का कहना है कि उद्योगों और अलग-अलग नामों से चलाए जा रहे बिक्री केंद्रों के जरिए हो रही गैस की सीधी बिक्री को तुरंत रोका जाना चाहिए। महासंघ ने आरोप लगाया है कि इस स्थिति के लिए जिम्मेदार मुख्य निकाय जैसे नेपाल ऑयल निगम, वाणिज्य मंत्रालय और सरकार खुद वास्तविक समस्या का हल निकालने के बजाय केवल दिखावे के लिए प्रचार-प्रसार करने में लगे हुए हैं।

विक्रेताओं को दरकिनार करने से बढ़ा संकट

महासंघ के अध्यक्ष ज्ञानेश्वर अर्याल ने इस बारे में खुलकर अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि पारंपरिक और प्रभावी वितरण चैनल यानी डीलरों और विक्रेताओं को पूरी तरह से हटाकर सीधे उद्योगों और दूसरे केंद्रों के माध्यम से गैस बेचने के फैसले ने इस संकट को और भी ज्यादा गहरा कर दिया है। इस गलत व्यवस्था की वजह से आम उपभोक्ताओं को बिना बात की परेशानी उठानी पड़ रही है। महासंघ ने साफ शब्दों में सरकार से मांग की है कि इस तरह की सीधी बिक्री पर तुरंत रोक लगाई जाए। उनका यह भी कहना है कि एक तरफ तो स्थानीय विक्रेताओं को गैस दी ही नहीं जा रही है और दूसरी तरफ चेकिंग और निरीक्षण के नाम पर उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है, जिससे पूरा बाजार सिस्टम पूरी तरह से चरमरा गया है।

पिछले चार महीनों में हजारों टन कम हुआ आयात

सरकार और संबंधित विभागों के रवैए पर गंभीर सवाल उठाते हुए महासंघ ने कहा है कि अधिकारी एक तरफ खुद बाजार में गैस बेचने का काम कर रहे हैं और दूसरी तरफ आम दुकानदारों को बेवजह तंग कर रहे हैं। महासंघ ने सरकार से आग्रह किया है कि इन तमाम गैर-जरूरी बिक्री केंद्रों को तुरंत बंद किया जाए और केवल पुराने और भरोसेमंद विक्रेताओं के जरिए ही गैस के वितरण का काम सुचारू रूप से चलाया जाए। डीलरों के माध्यम से ही सप्लाई चेन को ठीक करके उपभोक्ताओं की परेशानियों को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है। इसके अलावा महासंघ ने कुछ चौंकाने वाले आंकड़े भी सबके सामने रखे हैं। उनके अनुसार, पिछले चार महीनों में लगभग 60 हजार टन कम गैस का आयात देश में हुआ है। महासंघ ने अपनी चेतावनी में यह भी कहा है कि अगर नए गैस सिलेंडरों की खुलेआम हो रही बिक्री को अभी नहीं रोका गया, तो आने वाले दिनों में गैस की यह कमी और भी ज्यादा भयानक रूप ले सकती है।

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