Nepal News: नेपाल के मुस्लिम सांसद ने संसद में की देश को हिन्दू राष्ट्र घोषित करने की मांग, दिया बड़ा बयान.

नेपाल की राजनीति में एक बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाला वाकया सामने आया है जहाँ देश की संसद में एक मुस्लिम सांसद ने ही नेपाल को आधिकारिक तौर पर हिन्दू राष्ट्र घोषित करने की जोरदार मांग रख दी है। सांसद के इस बयान के बाद से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है और हर कोई इस पर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहा है। आइए जानते हैं कि आखिर इस पूरे मामले की असल सच्चाई क्या है और सांसद ने संसद के भीतर क्या कुछ कहा है।
संसद में उठी हिन्दू राष्ट्र की मांग
काठमांडू में मंगलवार को प्रतिनिधि सभा की एक अहम बैठक चल रही थी जिसमें देश के तमाम मुद्दों पर बातचीत हो रही थी। इसी बैठक के दौरान राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के सांसद ताहिर अली भाट ने अपनी बात रखते हुए देश को दोबारा से हिन्दू राष्ट्र बनाने की मांग उठाई। उन्होंने सदन के पटल पर खुलकर यह बात कही कि वह खुद एक मुस्लिम धर्म से ताल्लुक रखते हैं लेकिन इसके बावजूद वह पूरी तरह से हिन्दू राष्ट्र के पक्ष में खड़े हैं। उन्होंने बहुत ही स्पष्ट शब्दों में यह बात समझाई कि उनकी पार्टी हिन्दू राष्ट्र की विचारधारा का समर्थन जरूर करती है लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि वे देश में किसी भी तरह की हिंसा या मारकाट चाहते हैं।
सभी धर्मों का सम्मान और नेपाल की पहचान
सांसद ताहिर अली ने संसद के भीतर अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि नेपाल देश में रहने वाले सभी धर्मों के लोगों के बीच आपसी भाईचारा और सद्भाव बहुत मजबूत है। उन्होंने देश की विविधता को समझाते हुए कहा कि हम सब मिलकर 'सैंकड़ों फूलों की एक ही माला' की तरह नेपाली नागरिक हैं और मिलजुलकर रहते हैं। उन्होंने दुनिया का हवाला देते हुए कहा कि इस पूरी दुनिया में लगभग सभी धर्मों और समुदायों के अपने-अपने राष्ट्र बने हुए हैं, लेकिन दुनिया भर में डेढ़ अरब यानी 1.50 अरब हिंदुओं की आबादी होने के बावजूद उनका अपना कोई एक विशिष्ट राष्ट्र नहीं है। ताहिर अली ने जोर देकर कहा कि वह एक मुस्लिम होने के बावजूद ऐसी पार्टी का हिस्सा हैं जो हिन्दू राष्ट्र के समर्थन में है और इसलिए नेपाल को दुनिया के एकमात्र हिन्दू राष्ट्र का गौरवशाली दर्जा मिलना ही चाहिए।
पुराने दिनों को याद कर कही बड़ी बात
अपनी बात को और अधिक पुख्ता करते हुए सांसद ताहिर अली ने अपने पुराने अनुभवों का जिक्र किया और कहा कि जब तक नेपाल की पहचान दुनिया भर में एक आधिकारिक हिन्दू राष्ट्र के रूप में जानी जाती थी, तब तक की स्थिति बिल्कुल अलग थी। उन्होंने बताया कि उस दौर में जब भी नेपाल के मुसलमान भाई हज यात्रा के लिए मक्का जाते थे, तब वहां नेपाल के मुसलमानों का बहुत ही विशेष स्वागत और सत्कार किया जाता था। उन्होंने संसद में यह सारी बातें रखते हुए देश की पुरानी सांस्कृतिक पहचान और सम्मान को वापस लाने की वकालत की है। इस पूरी खबर की विस्तृत जानकारी आप हिन्दुस्थान समाचार पर देख सकते हैं।